Movie prime
PMC_Hospital

शिवाला सीवर बोरा प्रकरण: अजय राय ने घेरा डबल इंजन सरकार को, बोले- 9 दिन बाद भी दोषी बेनकाब नहीं,CCTV फुटेज सार्वजनिक करे सरकार वरना पीएम कार्यालय का करेंगे घेराव'

वाराणसी के शिवाला पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय; महापौर के आरोपों को नकारा, कहा- निष्पक्ष जांच कराएं और दोषियों को जेल भेजें

Ad

 
Ajay Rai
WhatsApp Group Join Now

Ad

वाराणसी (भदैनी मिरर)। भेलूपुर थाना क्षेत्र के शिवाला इलाके में सीवर-नाले के अंदर बोरा मिलने और जलनिकासी बाधित होने के मामले को लेकर वाराणसी में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। नगर निगम और महापौर के आरोपों के जवाब में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय सोमवार को दल-बल के साथ अग्रवाल रेडियो चौराहा, शिवाला पहुंचे। उन्होंने मौके की वास्तविक स्थिति देखी, स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और सरकार व स्थानीय प्रशासन पर तीखे हमले बोले।

Ad

"सच्चाई सामने नहीं आई तो पीएम संसदीय कार्यालय का करेंगे घेराव"

स्थल निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अजय राय ने कहा कि इस प्रकरण को नौ दिन से अधिक बीत चुके हैं। जलकल विभाग द्वारा पुलिस में तहरीर दिए जाने के बावजूद अभी तक सीवर में बोरा डालने वाले दोषियों की पहचान नहीं हो सकी है।

Ad

उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "प्रदेश सरकार लगातार 'जीरो टॉलरेंस' और कानून के राज का दावा करती है, लेकिन 9 दिन बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? जिस शिवाला चौराहे पर यह घटना हुई, वहां स्मार्ट सिटी के हाई-टेक CCTV कैमरे लगे हैं। आसपास की दुकानों में भी कैमरे हैं। सरकार और पुलिस तत्काल CCTV फुटेज खंगालकर जनता के सामने सच्चाई रखे।" अजय राय ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सच सामने नहीं लाया गया और दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी स्थित संसदीय कार्यालय का घेराव करेंगे।

Ad

महापौर के आरोपों पर पलटवार: "जांच कराएं, दोषी हूं तो जेल भेजें"

गौरतलब है कि बीते दिनों वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने मीडिया के सामने नाले से निकली बोरी दिखाते हुए विपक्ष पर साजिश के तहत जलनिकासी बाधित करने का आरोप लगाया था।

महापौर के बयानों पर सवाल उठाते हुए अजय राय ने कहा कि महापौर के ये आरोप सिर्फ उनके नहीं, बल्कि स्थानीय सांसद और प्रधानमंत्री के शह पर लगाए जा रहे हैं। अजय राय ने चुनौती देते हुए कहा, "अगर स्मार्ट सिटी या आसपास के CCTV फुटेज में मेरी या मेरे किसी समर्थक की संलिप्तता सामने आती है, तो प्रशासन मेरे खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे और मुझे जेल भेजे। लेकिन अगर आरोप झूठे हैं, तो भाजपा अपनी नाकामी छिपाने के लिए काशी की जनता से झूठ बोलना बंद करे।"

"हजारों करोड़ के खर्च के बावजूद बुनियादी सुविधाओं को तरस रही काशी"

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्थानीय कैंट विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र, प्रदेश और नगर निगम—तीनों स्तरों पर लंबे समय से भाजपा का कब्जा है। इसके बावजूद आम काशीवासी आज भी सीवर, जलभराव, बदहाल सड़कों और गंदगी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवर में बोरी मिलने का पूरा घटनाक्रम जनता को असली मुद्दों से भ्रमित करने के लिए भाजपा का एक प्रायोजित इवेंट है।

मौके पर मौजूद रहे कांग्रेसी नेता

इस दौरान अजय राय के साथ सतनाम सिंह, अरुण सोनी, वकील अंसारी, चंचल शर्मा, प्रवीण प्रकाश, सुनील श्रीवास्तव, संतोष चौरसिया, मिथुन सरदार, प्रमोद वर्मा, गोपाल चौबे, सदानंद तिवारी, अफसर ख़ान, आकाश त्रिपाठी, सैय्यद महफ़ूज़ अली, श्याम विश्वकर्मा, राजेंद्र गुप्ता, इमाम रजा, प्रेमदत्त तिवारी, गुरु प्रसाद यादव, इम्तियाज़ अहमद, शशि सोनकर समेत भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।