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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: गांधी जयंती पर वाराणसी में NSUI और पूर्व IAS का जोरदार प्रदर्शन, दी चेतावनी

वाराणसी जिलाधिकारी कार्यालय पर NSUI कार्यकर्ताओं और पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवीण कुमार ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल; मांग पूरी न होने पर जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन का ऐलान

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वाराणसी (भदैनी मिरर रिपोर्टर, वीरेंद्र पटेल): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज वाराणसी में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं और पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में दर्जनों नौजवानों ने वाराणसी जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया।

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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारी ज्ञानेश कुमार का तुरंत इस्तीफा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता की कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा है और लोकतंत्र की मर्यादाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है।

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"गांधीवादी विचारधारा की रक्षा के लिए लड़ाई जरूरी" - ऋषभ पांडेय

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडेय ने कहा, "आज गांधी जयंती का पावन अवसर है। हम सभी नौजवान साथी गांधीवादी विचारधारा को बचाने और गोडसेवादी सोच को समाप्त करने के लिए सड़क पर उतरे हैं। जिस तरह से चुनाव आयोग के अधिकारी लगातार लोकतंत्र पर प्रहार कर रहे हैं, उसके खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"

उन्होंने आगे कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार जल्द इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह आंदोलन केवल वाराणसी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशव्यापी स्तर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

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पूर्व IAS प्रवीण कुमार ने चयन प्रक्रिया और निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल

प्रदर्शन में शामिल पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवीण कुमार (IIT कानपुर के पूर्व छात्र) ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं का निष्पक्ष होना बेहद जरूरी है ताकि देश में 'चेक एंड बैलेंस' बना रहे।

उन्होंने चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था के विपरीत, मुख्य न्यायाधीश (CJI) को चयन समिति से बाहर कर गृह मंत्री को शामिल किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि 5000 योग्य अधिकारियों के होते हुए गृह मंत्रालय में 5 साल तक कार्यरत अधिकारी को ही इस पद पर क्यों चुना गया?

पूर्व आईएएस अधिकारी ने भावुक अपील करते हुए कहा, "आईएएस (IAS) और आईआईटी (IIT) संस्थाओं की अपनी एक विश्वसनीयता होती है। ज्ञानेश कुमार जी को अपनी साख और विश्वसनीयता बचाए रखने के लिए तुरंत पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। लाल बहादुर शास्त्री जी ने भी नैतिक मूल्यों और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए अपने पद से इस्तीफा दिया था। ज्ञानेश कुमार जी को भी अपनी भूल स्वीकार करते हुए पद छोड़ना चाहिए।"

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मांग न मानने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

NSUI के वाराणसी जिलाध्यक्ष शशिकांत शेखर सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आज केवल एसडीएम स्तर पर मौखिक तौर पर अपनी बात रखी गई है। यदि इस विरोध और मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो देश का युवा एकत्र होकर एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

वाराणसी कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने "ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो" के जोरदार नारे लगाए और जिलाधिकारी के माध्यम से अपनी बात शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।