वाराणसी के पांडेयपुर ओवरब्रिज पर लगा विवादित राजनीतिक पोस्टर, सपा और अखिलेश यादव पर निशाना; भड़की समाजवादी पार्टी
पोस्टर में अखिलेश यादव के साथ 5 अन्य चेहरों की तस्वीरें; सपा नेता डॉ. आलोक सौरभ ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा- '2027 में हार के डर से कर रहे ओछी हरकत'
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के प्रमुख और व्यस्ततम चौराहों में से एक पांडेयपुर चौराहे स्थित ओवरब्रिज पर लगे एक विवादित राजनीतिक बैनर-पोस्टर ने शहर का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस बड़े बैनर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, रमाकांत यादव, उमाकांत यादव और मुन्ना बजरंगी की तस्वीरें लगाई गई हैं। पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है— “माफियाराज और अखिलेश, लुट लिया था पूरा प्रदेश।”

सार्वजनिक स्थान पर लगे इस पोस्टर को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, यह पोस्टर किस व्यक्ति या संगठन द्वारा लगाया गया है, इसका कोई नाम या आधिकारिक विवरण बैनर पर अंकित नहीं है।
"2027 चुनाव में हार के डर से हो रही ओछी हरकत": डॉ. एड. आलोक सौरभ

इस पोस्टर प्रकरण और वायरल बैनर पर भदैनी मिरर से खास बातचीत करते हुए समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एड. आलोक सौरभ ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि यह पोस्टर भारतीय जनता पार्टी की बौखलाहट का नतीजा है। बीजेपी को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार का डर सता रहा है, इसलिए वे इस तरह की ओछी हरकतों पर उतर आए हैं।

सपा नेता डॉ. आलोक सौरभ के मुख्य बिंदु:
* फंडिंग और पोस्टर की जांच हो: उन्होंने सवाल उठाया कि इन चौराहों पर पोस्टर लगाने के पैसे कहाँ से आ रहे हैं? क्या जनता के टैक्स के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है? पुलिस और प्रशासन तत्काल सीसीटीवी और जांच के जरिए पता लगाए कि यह पोस्टर किसने और कैसे लगाया।
* बाइक रैली पर सवाल: उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री तेल और ईंधन बचाने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी द्वारा बाह्य रैलियां निकाली जा रही हैं। इन गाड़ियों के लिए ईंधन का पैसा कहाँ से आ रहा है, इसका जवाब बीजेपी को देना चाहिए।
* जनता के दिलों पर राज करने वाले नेताओं का अपमान: मुख्तार अंसारी की तस्वीर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 1997 से लगातार विधायक रहा और 2022 में उनके बेटे अब्बास अंसारी को जनता ने भारी मतों से चुनाव जिताया, उन्हें जनता के दिलों से नहीं निकाला जा सकता। बीजेपी अपने नेताओं को संत का दर्जा देती है और दूसरों पर सवाल उठाती है।
* असली मुद्दों पर चुनाव लड़े बीजेपी: उन्होंने कहा कि बीजेपी विकास, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे वास्तविक मुद्दों पर जवाब देने से भाग रही है और इस तरह के अनर्गल पोस्टरों से जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
सपा नेता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए कि यह विवादित पोस्टर किसने और किस फंड से लगवाया है, अन्यथा समाजवादी पार्टी जनता के बीच जाकर बीजेपी के इस सच को उजागर करेगी।
