West Bengal: चुनाव से पहले एक्शन में एजेंसियां; कोलकाता DCP और TMC नेताओं के ठिकानों पर ED-IT का छापा
कोयला घोटाला मामले में DCP शांतनु विश्वास के घर पहुंची ईडी, ममता बनर्जी के प्रस्तावक के आवास पर भी तलाशी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की टीमों ने शुक्रवार सुबह कोलकाता के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई की जद में कोलकाता पुलिस के एक डीसीपी (DCP), प्रमुख कारोबारी और सत्ताधारी दल टीएमसी (TMC) के कई दिग्गज नेता आए हैं।


कोयला घोटाले की आंच में पुलिस महकमा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कोयला घोटाला मामले में कोलकाता के DCP शांतनु सिन्हा विश्वास के ठिकानों पर दबिश दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वास के बेहाला स्थित आवास पर फिलहाल ताला लगा हुआ है और ईडी की टीम वहां तैनात है। इस घोटाले की जांच में अब तक कम से कम 8 आईपीएस अधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है।

इसी मामले में ईडी की एक अन्य टीम बलयुगुंगे ऐंड सन इंटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर जय कामदार के आवास पर भी तलाशी ले रही है। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि कोयला तस्करी के काले धन को खपाने में इन ठिकानों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
TMC नेताओं और विधायक के घर आयकर की दबिश
ईडी के साथ-साथ आयकर विभाग भी बंगाल में पूरी तरह मुस्तैद है। दो दिन पहले शुरू हुई कार्रवाई के तहत:

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विधायक देबाशीष कुमार: रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार देबाशीष कुमार के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास और चुनावी कार्यालय पर लंबी तलाशी ली गई।
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ममता बनर्जी के प्रस्तावक: भवानीपुर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उम्मीदवारी के प्रस्तावक मिराज शाह के एल्गिन रोड स्थित आवास पर भी आयकर अधिकारियों ने छापा मारा।
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अन्य नेता: कालीघाट में टीएमसी नेता कुमार साहा और साल्ट लेक व मिडलटन स्ट्रीट के कई अन्य ठिकानों पर भी आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही हैं।
IPAC से जुड़े तार और गिरफ्तारियां
इससे पहले ईडी ने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPAC) के ठिकानों पर भी कार्रवाई की थी। इस मामले में आईपैक के को-फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
तनावपूर्ण हुआ राजनीतिक माहौल
चुनाव से ठीक पहले हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने बंगाल के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। टीएमसी जहां इसे केंद्र सरकार की प्रतिशोध की राजनीति बता रही है, वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि वे केवल भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूतों के आधार पर अपनी ड्यूटी कर रही हैं।
