बनारस : भाजपा की पाठशाला के बाहर गरमाया बटुकों की चुटिया खींचने का मामला, सबने कहा गलत हुआ
राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेई ने कहा- किसी की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करना गलत
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या और बृजेश पाठक पहले ही जता चुके हैं आपत्ति
पाठशाला के अंदर की बात मीडिया से नही की गई साझा, आधुनिक जमाने में कापी और पेन लेकर गये नेताजी लोग
वाराणसी, भदैनी मिरर। काशी में भाजपा की महापाठशाला शुरू हो गई है। पाठशाला में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के 210 पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। इस पाठशाला में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी विधानसभा और लोकसभा चुनाव जीतने के गुर सिखा रहे हैं। इस पाठशाला की खसियत यह रही कि आधुनिक जमाने में कॉपी-पेन के साथ ही पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया और सबके मोबाइल फोन जमा करा लिए गये। देर से पहुंचने पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को प्रवेश नही मिल सका। हालांकि पाठशाला में पाठ क्या पढ़ाया गया, यह तो मीडिया को बताया नही गया लेकिन पाठशाला के बाहर की बात मीडिया जनता के सामने ले आई।


पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के तहत भाजपा के उत्तर-पूर्व जोन (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार) की महत्वपूर्ण कार्यशाला का शुभारंभ केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ में हुआ। राष्ट्रीय संगठन मंत्री और प्रदेश संगठन मंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पाठशाला में राष्ट्रीय और प्रादेशिक संगठन के करीब सभी बड़े चेहरे सारनाथ में मौजूद रहे। राष्ट्रीय नेतृत्व में तरुण चुघ, ओमप्रकाश धनखड़, वी. सतीश, शिवप्रकाश समेत सभी राष्ट्रीय महामंत्री/संगठन महामंत्री, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय और अश्वनी त्यागी भी शामिल हुए।


पाठशाला का पहला सत्र पूरा होने के बाद पदाधिकारी लंच के लिए बाहर आए तो मीडिया ने भी लगे हाथ थोड़े सवाल कर लिये। मीडिया ने माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन पालकी से संगम स्नान को जाते समय ज्योषि पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोकने और बटुकों की चोटी खींचने पर सवाल दागे। इस पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेई ने कहाकि किसी की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करना गलत है। चोटी खींचना तो महापाप है। जिन्होंने किसी के शरीर को नियम विरूद्ध शरीर पर हमला किया है, उन पर कार्रवाई तो होनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री बड़े हैं, हम समझते हैं वह कार्रवाई करेंगे। बटुकों की चोटी खींचना महापाप है। गौरतलब है कि यही बात डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने भी कही थी। इससे पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी चोटी खींचने को गलत बता चुके हैं। उन्होंने शंकराचार्य से स्नान करने का निवेदन भी किया थी। इसी पाठशाला में पहुंचीं रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि दोनों डिप्टी सीएम कह रहे हैं तो शंकराचार्य को भी मान जाना चाहिए। बटुकों की चोटी खींचने की घटना गलत है। किसी के आत्मसम्मान को चोट नहीं पहुंचानी चाहिए। इस बीच राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने चोटी खींचने के प्रकरण पर सीधे जवाब न देकर कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते किसी जाति की अवहेलना नहीं हो सकती। सबके साथ समान न्याय होता है। सवर्ण गरीबों के लिए आरक्षण भी प्रधानमंत्री मोदी के रहते ही लागू हुआ।

शंकराचार्य प्रकरण पर सभी लोग अपनी बात रख चुके हैं। भारत में सभी साधु-संतों का सम्मान है और किसी के साथ कोई अपमानजनक घटना नहीं होनी चाहिए। इसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और बीजेपी विधायक पंकज सिंह से मीडिया का सामना हुआ। वह बटुकों के सवाल पर बचते दिखे। कहा कि पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे हैं और उन्हें ज्यादा कुछ जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गुणगान किया। जबकि भाजपा की सीनियर लीडर और पूर्व कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि शंकराचार्य को मान जाना चाहिए। सरकार का प्रतिनिधित्व सिर्फ मुख्यमंत्री तो करते नहीं है, उप मुख्यमंत्री और कैबिनेट भी करता है। दोनों मुख्यमंत्री इस पर बात कर चुके हैं। दोनों मांग कर रहे हैं कि मामला खत्म हो तो इस मामले को और ज्यादा तूल देने के बजाए इसको सुलझा देना चाहिए। सरकार रास्ता निकालेगी। यह भी कहाकि यह मामला क्यों इतना जटिल हो गया मैं समझ नहीं पा रही हूं। जरूर अगर प्रशासन से चूक हुई है तो उसको स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा यह संवेदनशील विषय है, ज्लद से जल्द इसका हल निकाला जाना चाहिए। समाज में इसे लेकर मनमुटाव है। चोटी खींचने के मामले की जांच हो रही है। जांच में जो आएगा उसके अनुसार कार्रवाई जरूर होगी। चोटी रखना धर्म के नियमों के तहत है, ऐसे में उसका आत्म सम्मान जरूर टूटा है।काशी में आयोजित महापाठशाला में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रेम शंकर शुक्ला ने कहा कि बटुओं की चोटी खींचना गलत है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
