बेंगलुरु के फाइव स्टार होटल में बड़ा हादसा: स्विमिंग पूल में करंट लगने से दो विदेशी नागरिकों की मौत, 2 घायल
हलासुरु स्थित लग्जरी होटल की तीसरी मंजिल पर हुआ हादसा; जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा के क्रू मेंबर और IBM के प्रोजेक्ट मैनेजर की जान गई
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला दर्दनाक हादसा सामने आया है। बेंगलुरु के हलासुरु इलाके में स्थित एक नामी फाइव स्टार होटल की तीसरी मंजिल पर बने स्विमिंग पूल में तैरने के दौरान करंट लगने से दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई।

इस हादसे में मरने वालों में एक जर्मन एयरलाइन 'लुफ्थांसा' (Lufthansa) का क्रू मेंबर और दूसरा आईटी कंपनी 'आईबीएम' (IBM) का प्रोजेक्ट मैनेजर शामिल है। वहीं, दोनों को बचाने के प्रयास में दो अन्य लोग भी बिजली के करंट की चपेट में आकर घायल हो गए हैं।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान अलेक्जेंडर मैक्सिमिलियन थिस (57 वर्ष) यह जर्मनी के नागरिक थे और लुफ्थांसा एयरलाइन में क्रू मेंबर के रूप में कार्यरत थे। जुराज होर्वाट (45 वर्ष) यह प्रतिष्ठित कंपनी IBM में बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर कार्यरत थे के रूप में हुई है।
यह दुर्घटना शुक्रवार शाम को उस समय हुई जब दोनों विदेशी नागरिक होटल की तीसरी मंजिल पर स्थित स्विमिंग पूल में तैराकी का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान अचानक पानी में करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही हालत बिगड़ गई और बाद में मौत हो गई।
बचाने पहुंचे अमेरिकी नागरिक और होटल कर्मचारी भी झुलसे
स्विमिंग पूल में दोनों को तड़पता देख उन्हें बचाने के लिए पास मौजूद एक अमेरिकी नागरिक और होटल का पूल अटेंडेंट तुरंत आगे आए। इस कोशिश में वे दोनों भी बिजली के झटके की चपेट में आ गए।
घायलों की पहचान 41 वर्षीय अमेरिकी नागरिक मैथ्यू डेसेंटिस और 28 वर्षीय होटल कर्मचारी राहुल तिवारी के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद दोनों घायलों को पास के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
अस्पताल और पुलिस प्रशासन के अनुसार, इलाज करा रहे दोनों घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्विमिंग पूल के पानी में करंट किस वजह से फैला, क्या वहां कोई शॉर्ट सर्किट हुआ था या मेंटेनेंस में लापरवाही बरती गई- इन सभी पहलुओं की फॉरेंसिक और तकनीकी टीमों द्वारा गहनता से जांच की जा रही है।
