MP में मंत्री के घंटे का कहर : SDM ने आदेश पत्र में लिख दिया ‘घंटा‘, तो कर दिये गये निलम्बित
इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर कांग्रेस के रूख के सवाल पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कह दिया था ‘घंटा‘
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने सौंपा था ज्ञापन, की थी मंत्री के ‘घंटा‘ शब्द पर आपत्ति
मध्य प्रदेश। MP सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित ’घंटा’ वाले बयान का उल्लेख सरकारी आदेश में करना एसडीएम को महंगा पड़ गया। देवास के SDM आनंद मालवीय को निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होते ही उज्जैन संभाग आयुक्त ने कार्रवाई की। इस मामले में एसडीएम कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी सस्पेंड किया गया है। इसके साथ ही अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है।



आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी त्रासदी मामले में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विवादास्पद टिप्पणी की थी। इसके बाद कांग्रेस ने बीजेपी नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी टिप्पणी का विरोध किया। अब एक सरकारी आदेश में कथित रूप से इन सबका जिक्र करने पर देवास के अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) आनंद मालवीय को निलम्बित कर दिया गया है। उज्जैन संभाग के आयुक्त (राजस्व) आशीष सिंह ने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितता के आरोपों में देवास एसडीएम को निलंबित किया है। उन्होंने बताया कि एसडीएम ने देवास में कांग्रेस के रविवार 4 जनवरी को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के लिए शनिवार को सरकारी आदेश जारी किया था।

एसडीएम के जारी इस आदेश में कांग्रेस के उस ज्ञापन के एक हिस्से की हू-ब-हू नकल उतार दी गई थी, जो प्रमुख विपक्षी दल ने विरोध प्रदर्शन की पूर्व सूचना के लिए प्रशासन को दिया था। आपको यह भी बता दें कि कांग्रेस के ज्ञापन में इंदौर की पेयजल त्रासदी को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा गया था। कहा गया था कि विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के प्रश्न के उत्तर में अशोभनीय शब्द ‘घंटा’ का उपयोग करना ‘अमानवीयता और निरंकुशता’ का प्रदर्शन किया है। उस ज्ञापन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया था कि इस ’अमानवीय व्यवहार’ के विरोध में भाजपा के सांसद और विधायकों के निवास के सामने ‘घंटा’ बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों की मौत और इस त्रासदी के बारे में एक टीवी पत्रकार के प्रश्न पर विजयवर्गीय की विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में आयोजित था।

आप यह भी जान लें कि कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में 31 दिसंबर की रात टीवी पत्रकार द्वारा पेयजल त्रासदी के बारे में पूछे गये सवाल पर कैमरे के सामने ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल किया। इससे विवाद खड़ा हो गया और विपक्षी पार्टी कांग्रेस को हमला करने का पूरा मौका मिल गया। आम बोलचाल की भाषा में शब्द का अर्थ बकवास या विरोधी के कुछ न कर पाने या ‘फलां को हम घंटा समझते हैं‘ के रूप में समझा जाता है। गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी और उससे हुई मौतों को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्म है और यह आज भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
यूपी के बस्ती जिले में भी ‘घंटा‘ पर हुई थी कार्रवाई
आपको यह भी बता दें कि इस घंटा यूपी में भी अपना असर दिखा चुका है। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में भी ऐसी ही घटना हुई थी जहां तत्कालीन एसडीएम जीके झा को निलंबित किया गया था। उन्होंने एक अदालती आदेश पत्र में अनौपचारिक और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लिखा था कि संबंधित पक्ष “घंटा“ कुछ नहीं कर पाएगा। इसका नतीजा यह हुआ कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया था।
