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संसद का शीतलकालीन सत्र हंगामेदार होने के आसार, गूंजेंगे SIR, वोट चोरी के मद्दे

शीतकालीन सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले हुई सर्वदलीय बैठक

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विपक्ष उठायेगा देश के ज्वलंत मुद्दे, लोकतंत्र की रक्षा पर होगी चर्चा

सरकार, भाजपा और प्रधानमंत्री लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को खत्म करना चाहते हैं-गौरव गोगोई 

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें दोनों सदनों के विधायी कार्यों और विभिन्न विषयों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में सदन के नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजीजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए। जबकि विपक्ष से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।

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आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। केंद्र और विपक्ष के बीच इस शीतकालीन सत्र में कई मुद्दों को लेकर हंगामे के आसार हैं। एसआईआर (SIR) और वोट चोरी मुद्दा इस बार भी संसद में छाये रहने की सम्भावना है। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार, भाजपा, प्रधानमंत्री भारत के लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को खत्म करना चाहते हैं। यह संभवतः सबसे छोटा शीतकालीन सत्र होगा। ऐसा लगता है कि सरकार संसद को पटरी से उतारना चाहती है। उन्होंने पार्टी की रणनीति को लेकर कहाकि सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, लोकतंत्र की रक्षा, मतदाता सूची की सुरक्षा पर चर्चा की मांग की। जबकि माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने कहा, दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने सरकार की पोल खोल दी है। हमारी पार्टी सुरक्षा से मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहती है। यदि संसद बाधित होती है और ठप्प होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहाकि शीतकालीन सत्र में हम आशा करते हैं कि सभी लोग शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे। संसद में बहस होगी और उम्मीद है कि कोई व्यवधान नहीं होगा। संसद सत्र सुचारू रूप से चलेगा।

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शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक के साथ अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। इसके अलावा विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के संशोधन का मुद्दा उठाने की पूरी तैयारी में है। गौरतलब है कि संसद का तीन सप्ताह लंबा सत्र बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की बड़ी जीत के बाद हो रहा है। विपक्ष की ओर से शीतकालीन सत्र में सोनिया-राहुल गांधी पर नई प्राथमिकी, दिल्ली प्रदूषण, दिल्ली आतंकी हमला और वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाने की भी संभावना है।
सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत से सत्तारूढ़ बीजेपी द्वारा कथित तौर पर वोट चोरी का मुद्दा उठाएगा। कहा कि जब लोकतंत्र की हत्या की जा रही हो और सिर्फ वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती की जा रही हो, तो यह एक मुद्दा अहम होगा।

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लाल किले के पास विस्फोट एक मुद्दा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति विफल हो गई है। संसद में कांग्रेस यह सभी मुद्दे उठाएगी। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहाकि हम उम्मीद करेंगे कि सरकार चुनाव के आगे जाकर सोचे। जीडीपी, एसआईआर को लेकर जो लोगों के मन में चिंता है उस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।शिवसेना  सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहाकि मैं उम्मीद करती हूं कि आने वाला सत्र सफलापूर्ण संपन्न सत्र होगा। देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। हम देख रहे हैं कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएलओ दबाव में काम कर रहे हैं। वोट चोरी का पर्दाफाश किया गया है। राहुल गांधी ने भी हरियाणा का हवाला देते हुए कई मुद्दे उठाए हैं। यही सारे मुद्दे हैं। चाहें प्रदूषण का मुद्दा हो या मिलावटी खाने का, इन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। 

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