Movie prime
PMC_Hospital

iPhone की जिद में उजड़ गया पूरा परिवार: बेटे ने पहाड़ी से लगाई छलांग, बचाने में पिता और मां की भी मौत

'मरना ही एकमात्र सॉल्यूशन है...' सरपंच ने आईफोन देने का वादा किया फिर भी नहीं माना बेटा; चंद मिनटों में खत्म हुआ परिवार

Ad

 
Dead
WhatsApp Group Join Now

Ad

Ad

क्राइम डेस्क (भदैनी मिरर)। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के तीसगांव इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आईफोन (iPhone) खरीदने की जिद में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। नया मोबाइल न मिलने से नाराज 19 वर्षीय कुणाल चांदगुड़े पहाड़ी से कूद गया। उसे बचाने की कोशिश में उसके पिता और आंखों के सामने पति-बेटे को खोने के सदमे में मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

Ad
Ad

आईफोन की जिद में पहाड़ी पर चढ़ा युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से जालना जिले के रहने वाले मुरलीधर चांदगुड़े (48) का बेटा कुणाल (19) लंबे समय से नए आईफोन की मांग कर रहा था। शुक्रवार सुबह इसी बात को लेकर घर में विवाद हुआ, जिसके बाद कुणाल गुस्से में आकर पास की एक ऊंची पहाड़ी पर चढ़ गया और नीचे कूदने की धमकी देने लगा। परिजन, स्थानीय पुलिस, दमकलकर्मी और गांव वाले तुरंत मौके पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने पहाड़ी के नीचे सुरक्षा जाल (Safety Net) बिछाने की कोशिश की, लेकिन कुणाल बार-बार अपनी जगह बदलता रहा।

Ad

'मैं दिलाऊंगा iPhone' — सरपंच की गुहार भी रही बेअसर

घटनास्थल पर मौजूद तीसगांव के सरपंच संजय यादव ने बताया कि सभी लोग कुणाल को समझाकर वापस नीचे लाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कुणाल से कहा, "तुम नीचे आ जाओ, मैं तुम्हें अपने पास से आईफोन दिलाऊंगा।" लेकिन जिद पर अड़ा कुणाल लगातार यही कहता रहा कि "अब कोई सॉल्यूशन नहीं है, सिर्फ मरना ही एक सॉल्यूशन है।"

Ad

Ad

बचाने गए पिता और सदमे में मां ने भी गंवाई जान

दोपहर करीब 1 बजे जब कुणाल के पिता मुरलीधर उसे बचाने के लिए चट्टान के किनारे पर पहुंचे और उसे पीछे खींचने लगे, तभी कुणाल नीचे कूद गया। इस अफरातफरी में पिता का भी संतुलन बिगड़ गया और वे बेटे के साथ गहरी खाई में जा गिरे। अपनी आंखों के सामने पति और इकलौते बेटे को मौत के आगोश में जाते देख मां संगीता चांदगुड़े ने भी कुछ ही पलों में पहाड़ी से छलांग लगा दी।

पुलिस कमिश्नर प्रवीण पवार और डीसीपी रत्नाकर नावले के अनुसार, तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शवों को उनके पैतृक गांव भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।