'महंगाई मैन' का चाबुक फिर चला: कमर्शियल गैस की कीमतों पर कांग्रेस का सरकार पर तीखा प्रहार, 4 महीने में ₹1518 बढ़े दाम
विपक्ष ने घेरा: "5 किलो वाला छोटू सिलिंडर भी नहीं छोड़ा, मोदी सरकार सिर्फ वसूली जानती है"
नई दिल्ली: 1 मई से कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी ने देश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर डेटा साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला और उन्हें 'महंगाई मैन' करार दिया।


कांग्रेस का आरोप: "मोदी की वसूली जारी है"
कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले महज 4 महीनों के भीतर कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में 1,518 रुपये का इजाफा हो चुका है। कांग्रेस के आधिकारिक बयान के मुख्य अंश:
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चौंकाने वाले आंकड़े: कांग्रेस ने दावा किया कि अभी साल के 8 महीने बाकी हैं और सरकार ने व्यापारियों और छोटे दुकानदारों की कमर तोड़ दी है।
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छोटू सिलिंडर भी महंगा: विपक्ष ने आरोप लगाया कि पहले आधार कार्ड के जरिए सिलिंडर बांटे गए और अब 5 किलो वाले 'छोटू' सिलिंडर के दाम बढ़ाकर गरीबों की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
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निशाना: कांग्रेस ने सरकार को 'चालबाज' बताते हुए कहा कि यह सरकार जनकल्याण के बजाय सिर्फ 'वसूली' करना जानती है।
क्यों लगी कीमतों में आग? होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के अनुसार, कीमतों में इस उछाल के पीछे वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं:

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पश्चिम एशिया संकट: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की नाकाबंदी की आशंका से दुनिया की 20% गैस और तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ी हैं।
घरेलू उपभोक्ता फिलहाल सुरक्षित
भले ही कमर्शियल सिलिंडर ₹993 महंगा हुआ है, लेकिन 14.2 किलो वाले घरेलू सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह अब भी ₹913 में ही उपलब्ध है। हालांकि, कांग्रेस ने याद दिलाया कि बीते महीनों में घरेलू गैस पर भी ₹60 और कमर्शियल पर ₹196 तक की बढ़ोतरी की जा चुकी है, जो जनता के लिए पहले से ही बोझ बनी हुई है।

