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दो महिलाओं का खौंफनाक कारनामा : छाती पर चढ़कर पीट-पीटकर मार डाला

चरित्र पर कीचड़ उछालने से नाराज महिलाओं ने दिया सनसनीखेज वारदात को अंजाम

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले के गरीबा गांव वारदात से सनसनी

झोपड़ी में आग लगाकर भागीं महिलाएं, पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़। चरित्र पर उंगली उठाने से नाराज छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले की दो महिलाओं ने अपनी सहेली को ऐसी मौत दी कि देखने और सुननेवालों की रूह कांप गई। दोनों महिलाएं सहेली के घर गई। पूछताछ की और हाथ-पैर रस्सी से बांध दिया। महिलाओं ने सहेली के प्राइवेट पार्ट में लाल मिर्च और ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे खूब तड़पाया। फिर सीने पर चढ़कर लात-घूसे और डंडे से तबतक मारती रहीं जबतक की उसकी मौत नही हो गई। इसके बाद उसकी झोपड़ी को आग के हवाले करके लौट गई। पुलिस ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार कर लिया कि चरित्र पर उंगली उठाने से नाराज होकर उन्होंने उसकी जान ले ली। दिल दहला देनेवाली यह घटना गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक के शोभा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गरीबा गांव में दो जनवरी को हुई। मृत महिलाका नाम सुमित्रा नेताम (37) था और हत्यारोपित महिलाएं  सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) हैं। तीनों आपस में सहेली थीं और मजदूरी करती थीं।

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जानकारी के अनुसार दो जनवरी को सुमित्रा नेताम का शव उसके घर पर मिला। तीनों महिलाएं साथ में मजदूरी करती थी। आरोप है कि सुमित्रा ने दोनों महिलाओं का नाम गैर मर्दों से जोड़कर गांव में उनके चरित्र के किस्से सुनाती थी। इसी गुस्से में सुमित्रा की हत्या कर दी गई। सुमित्रा नेताम (37) मूल से रूप से ओडिशा की रहने वाली थी। पति के छोड़ने के बाद वह दूसरे व्यक्ति के साथ गरीबा गांव के बाहर झोपड़ी में दो साल से रह रही थी। मजदूरी करके अपना भरण-पोषण करती थी। घटना से पहले ही उसका पति हैदराबाद गया हुआ था। सुमित्रा ने सुगतिन और ईतवारिन का नाम दूसरे मर्दों से जोड़कर उनके बारे में लोगों को बताया। इसकी जानकारी मिलने पर दोनों सहेलियों को अपमानजनक लगा। इसको लेकर दोनों पक्षों में आयेदिन विवाद होने लगा। बात फैली तो दोनों महिलाओं के पति भी उन पर शक करने लगे।

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इससे बौखलाई सुगतिन और ईतवारिन ने सुमित्रा को मारने का फैसला कर लिया। दो जनवरी की दोपहर दोनों सुमित्रा के झोपड़ी पर पहुंचीं। यहां पहले दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ। फिर सुगतिन और ईतवारिन ने मिलकर सुमित्रा के पैर-हाथ बांध दिये। इसके बाद प्राइवेट पार्ट पर मिर्च पाउडर और ज्वलनशील पदार्थ डाला दिया। वह खुद को बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही। झोपड़ी आबादी से काफी दूर थी, इसलिए कोई बचाने नही आ सका।  था। इसके बाद में एक महिला सुमित्रा के छाती पर चढ़कर मारने लगी और दूसरी महिला डंडों और लात-घूंसों से पिटाई करती रही। पिटाई और जलन से परेशान महिला लाख कोशिश के बाद भी अपने को बचा नही सकी और वहीं तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई। यही नही वारदात के बाद दोनों महिलाएं सुमित्रा की झोपड़ी में आग लगाकर भाग निकलीं। शाम को ग्रामीणों को हत्या की जानकारी हुई।

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ग्रामीणों की पंचायत हुई और मामले को दबाने की कोशिशें शुरू हो गईं। लेकिन कुछ ग्रामीणों के विरोध कर दिया। इसके बाद 3 जनवरी को घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, हैदरबाद में मौजूद पति को जब उसकी पत्नी की हत्या की खबर मिली तो उसने गांव आने से ही मना कर दिया। एक दूसरे पुरूष के साथ सुमित्रा अक्सर रहती थी, इसलिए पुलिस ने शव उसे ही सौंप दिया। गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। थाना प्रभारी नकुल सिदार ने बताया कि दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

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