तमिलनाडु में 'विजय' उदय: कल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे थलापति विजय, 6 दशकों का द्रविड़ वर्चस्व खत्म!
राजभवन से मिला न्योता: 121 विधायकों के समर्थन के साथ बहुमत का आंकड़ा पार
चेन्नई/नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नए युग का सूत्रपात हो गया है। अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। शनिवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के प्रमुख विजय को सरकार बनाने का आधिकारिक न्योता दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सी. जोसेफ विजय कल यानी रविवार दोपहर 3.15 बजे मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ लेंगे।


बहुमत का गणित: कैसे पार हुआ 118 का आंकड़ा?
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता थी। विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था, लेकिन बहुमत से 10 कदम दूर रह गई थी। शनिवार को यह अनिश्चितता तब खत्म हुई जब कांग्रेस, वाम दलों (CPI, CPI-M), VCK और IUML ने विजय को अपना 'बिना शर्त' समर्थन दे दिया।

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समर्थन देने वाले दल: कांग्रेस (5), CPI (2), CPI-M (2), VCK (2) और IUML (2)।
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इन 13 विधायकों के जुड़ने के साथ ही विजय के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन हो गया है, जो बहुमत के आंकड़े से 3 अधिक है।
ऐतिहासिक क्षण: 1967 के बाद पहली बार बड़ा बदलाव
तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में यह एक अभूतपूर्व घटना है। पिछले करीब 60 वर्षों (1967 के बाद) से तमिलनाडु की सत्ता बारी-बारी से DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है। थलापति विजय पहले ऐसे नेता होंगे जिन्होंने इन दोनों क्षेत्रीय दिग्गजों के बिना अपनी जगह बनाई है और राज्य के सर्वोच्च पद तक पहुँचे हैं।

शनिवार के घटनाक्रम ने पलटी बाजी
इससे पहले विजय ने राज्यपाल से तीन बार मुलाकात की थी, लेकिन तब उनके पास पर्याप्त समर्थन पत्र नहीं थे। शनिवार को IUML के नेताओं ने और VCK के अध्यक्ष थोल. तिरुमावलवन ने आधिकारिक तौर पर समर्थन पत्र सौंपे। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी पुष्टि की कि 118 का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया गया है।
विजय की इस जीत और मुख्यमंत्री बनने की खबर से पूरे तमिलनाडु में उनके समर्थकों और प्रशंसकों के बीच जश्न का माहौल है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 'सिनेमा के सुपरस्टार' राजनीति के मैदान में शासन की चुनौतियों से कैसे निपटते हैं।
