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Tamil Nadu Election: विजय ने पार किया बहुमत का 'जादुई आंकड़ा', कांग्रेस-VCK के समर्थन से तमिलनाडु में 'थलापति' राज तय!

62 साल बाद टूटा द्रविड़ दलों का वर्चस्व, 118 सीटों के साथ सरकार बनाने का दावा पुख्ता।

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चेन्नई (भदैनी मिरर डेस्क): दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने विजय (Thalapathy Vijay) तमिलनाडु की सत्ता संभालने के बेहद करीब पहुँच गए हैं। कई दिनों से जारी सियासी सस्पेंस के बीच खबर है कि 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) प्रमुख विजय ने सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया है। वह आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से तीसरी बार मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करेंगे।

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गठबंधन की गणित: ऐसे मिला बहुमत

चुनाव नतीजों में विजय की पार्टी TVK 107 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, लेकिन बहुमत (118 सीट) से 11 सीटें दूर रह गई थी। सूत्रों के मुताबिक, अब विजय को निम्नलिखित दलों का समर्थन मिल चुका है:

  • कांग्रेस: 05 सीटें

  • वीसीके (VCK): 02 सीटें

  • सीपीएम (CPM): 02 सीटें

  • सीपीआई (CPI): 02 सीटें

इन 11 सीटों के समर्थन के साथ विजय के पास अब कुल 118 विधायकों का बल है, जो सरकार गठन के लिए पर्याप्त है।

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राज्यपाल के साथ तीसरी मुलाकात आज

इससे पहले बुधवार और गुरुवार को भी विजय ने राज्यपाल से मुलाकात की थी, लेकिन तब जरूरी समर्थन पत्र न होने के कारण राज्यपाल ने उनके दावे को स्वीकार नहीं किया था। आज शाम होने वाली तीसरी मुलाकात में विजय समर्थन देने वाले सभी दलों के पत्र राज्यपाल को सौंपेंगे। इसके बाद तमिलनाडु में नई सरकार के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो जाएगा।

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द्रविड़ राजनीति के 62 साल के किले में सेंध

विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनाव में वह कर दिखाया जो पिछले छह दशकों में कोई गैर-द्रविड़ प्रमुख दल नहीं कर सका। 234 सीटों वाली विधानसभा में 107 सीटें जीतकर टीवीके ने डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के 1967 से चले आ रहे वर्चस्व को हिलाकर रख दिया है।

कांग्रेस की अहम भूमिका

इस सियासी उलटफेर में कांग्रेस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। कांग्रेस ने डीएमके के साथ अपना पुराना गठबंधन तोड़कर सबसे पहले विजय को समर्थन देने का ऐलान किया। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने ही अन्य छोटे दलों (VCK और वामदलों) को टीवीके के पाले में लाने के लिए मध्यस्थता की, जिससे विजय के लिए बहुमत का रास्ता आसान हुआ।