उज्जैन में शहर काजी के घर पर पथराव: मस्जिद हटाने की रजामंदी पर भड़का विवाद, पुलिस ने लाठियां भांज उपद्रवियों को खदेड़ा
प्रशासन के साथ सहमति के बाद भड़का विवाद; 5 एफआईआर दर्ज, 5 उपद्रवी हिरासत में, शहर में 2500 से अधिक जवान तैनात और हाई अलर्ट जारी।
उज्जैन (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में शाही मस्जिद के अतिक्रमण/चिह्नित हिस्से को आपसी सहमति से हटाने के फैसले के बाद अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रशासन के साथ शहर काजी खलीक उर रहमान और मस्जिद कमेटी द्वारा खुद से मस्जिद का चिह्नित हिस्सा हटाने पर सहमति देने के बाद मुस्लिम समाज के ही कुछ असामाजिक तत्व भड़क गए। उपद्रवियों ने शहर काजी के आवास पर पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया और जमकर पत्थरबाजी की।

शहर काजी की अपील को दरकिनार कर किया पथराव
शहर काजी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी और स्पष्ट किया था कि सभी कदम आपसी सहमति और कानून के दायरे में उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अफवाहों के शिकार कुछ लोगों ने उनके निवास को निशाना बनाया और पत्थरबाजी शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने चटकाईं लाठियां, उपद्रवियों को खदेड़ा
काजी के घर पर पथराव करने पहुंचे उपद्रवियों पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बल प्रयोग किया। उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस जवानों ने लाठियां भांजकर गली-मोहल्लों में छिपे उपद्रवियों को दौड़कर खदेड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ा रुख अपनाना पड़ा।

भड़काने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर शिकंजा, 5 गिरफ्तार
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे विवाद के पीछे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहें मुख्य वजह थीं। शहर की आबो-हवा खराब करने और लोगों को उकसाने वाले एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
मामले में अब तक 5 अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं और 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शहर काजी के घर के बाहर प्रदर्शन और पथराव करने वाले अन्य नकाबपोश उपद्रवियों की भी पहचान कर उन पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
मस्जिद के पास शांति, शहर में 2500 जवान तैनात
वर्तमान में शाही मस्जिद के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से शांत है और मुस्लिम समाज के लोग स्वयं ही चिह्नित हिस्से को हटाने के कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
हालांकि, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरे उज्जैन शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पूरे शहर में लगभग 2,500 से अधिक पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार फ्लैग मार्च कर रहा है और नागरिकों से अपील कर रहा है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
