Silver Price Crash Alert: 75–80% तक टूट सकता है चांदी का भाव, एक्सपर्ट्स ने बताई बड़ी वजह
COMEX और MCX में आई तेज गिरावट, अमेरिका-ईरान तनाव कम होने और मजबूत डॉलर से फिसली चांदी
नई दिल्ली, भदैनी मिरर। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को COMEX सिल्वर 63.900 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जबकि घरेलू बाजार में MCX सिल्वर इंट्रा-डे में 2.29 लाख रुपये प्रति किलो के निचले स्तर तक पहुंच गया।


हालांकि इस गिरावट के बाद निवेशकों की ओर से खरीदारी देखने को मिली, जिससे भाव दोबारा 2.48 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है।
क्यों गिर रही हैं चांदी की कीमतें?
सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक MCX और COMEX दोनों में गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण हैं—
पहला, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होना और न्यूक्लियर बातचीत की सहमति।
दूसरा, डॉलर का अन्य करेंसी की तुलना में मजबूत होना।

उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव घटने से सेफ हेवन डिमांड कमजोर हुई है, जिसका असर सोने-चांदी दोनों पर पड़ा है। इसके अलावा निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग भी कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह बनी।
75 से 80% तक टूट सकता है भाव!
PACE 360 से जुड़े मार्केट एक्सपर्ट अमित गोयल का कहना है कि चांदी अपने उच्चतम स्तर से 75 से 80 प्रतिशत तक लुढ़क सकती है। उनके अनुसार आने वाले दो वर्षों में चांदी का भाव 25 से 30 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर डॉलर की मजबूती बनी रहती है और वैश्विक तनाव और कम होता है, तो कीमती धातुओं पर दबाव और बढ़ सकता है।

निवेशकों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्तरों पर उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है। चांदी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं, ऐसे में निवेश से पहले सावधानी जरूरी है।
(यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
