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कोडीन कफ सिरप मामले के किंगपिन शुभम जायसवाल का पार्टनर अमित सिंह टाटा चढ़ा STF के हत्थे

मूल रूप से जौनपुर का रहनेवाला है अमित, बाहुबली से सम्बंध का मामला चर्चा में

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कफ सिरप कांड में अमित का पिता भी है आरोपित, शुभम के दुबई भागने की चर्चा

वाराणसी, भदैनी मिरर। मध्य प्रदेश में कोडीन कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत के मामले में यूपी STFSTF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस सिंडिकेट के बड़े मोहरे अमित सिंह टाटा को हिरासत में ले लिया है। अमित सिंह टाटा पूरे सिंडिकेट के किंगपिंग शुभम जायसवाल का पार्टनर है। अमित सिंह टाटा  मूल रूप से जौनपुर जिले का निवासी है। एसटीएफ उससे पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि इस मामले में अमित सिंह टाटा, उसके पिता अशोक कुमार सिंह और उसकी फर्म के खिलाफ वाराणसी जिले के कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। शुभम जायसवाल फरार है और एसटीएफ अमित सिंह टाटा के जरिए उस तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। 

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amit singh Tata

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत के बाद देश में हड़कंप मचा। इसके बाद यूपी में छापेमारी शुरू हो  गई। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हुए। वाराणसी का दवा व्यापारी शुभम जायसवाल इस पूरे सिंडिकेट के किंगपिन रूप में सामने आया। इस मामले में शुभम का पिता भोला प्रसाद भी आरोपित। दोनों फरार है। कोडीन कफ सिरप की सप्लाई के सिंडिकेट को शुभम जायसवाल फर्जी फर्मों के जरिए चला रहा था। गाजियाबाद, वाराणसी में गोदाम बनाकर इस कफ सिरप की सप्लाई यूपी से झारखंड, पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश और बिहार से नेपाल तक की जा रही थी।

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बता दें कि बता दें कि सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में आबकारी निरीक्षक ने 18 नवम्बर को राजस्थान और महाराष्ट्र नंबर के दो कंटेनर पकड़े। कंटेनर में शुरू में नमकीन और चिप्स के पैकेट नजर आए। जब जांच हुई तो चिप्स के पैकेट की आड़ में कोडिन मिक्स ESKUF cough syrup की 11967 की शीशियां मिलीं। इसकी सप्लाई झारखंड में की जाती रही। पूछताछ में ट्रक चालकों ने चौंकाने वाली जानकारियां दीं। बताया कि कफ सिरप की खेप शुभम जायसवाल की फर्म पर गाजियाबाद के आसिफ और वसीम के जरिए मिली थी। कफ सिरप मामले में शुभम जायसवाल का जब नाम सामने आने के बाद पुलिस ने कुंडली खंगाली। शुभम का कनेक्शन यूपी के पूर्वांचल के एक बड़े बाहुबली धनंजय से मिला। हालांकि पुलिस ने एफआईआर में बाहुबली का नाम जोड़ा नहीं है। गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अनिल कुमार राजपूत की तरफ से दर्ज मुकदमे में 17 लोग नामजद है। शुभम जायसवाल नामजद आरापित है। तहरीर में कहा गया है कि पुलिस की छापेमारी में 3.5 करोड़ की कोडीन युक्त कफ सिरप की शीशियां बरामद हुई थीं। सूत्रों से पता चला कि शुभम जायसवाल अपने एक करीबी आसिफ के साथ दुबई भाग गया है। अमित सिंह टाटा, शुभम का पार्टनर बताया जा रहा है। 

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अमित ने किया सनसनीखेज खुलासा 

पूछताछ में अमित टाटा ने सनसनीखेज खुलासे किये हैं। खुलासा यह हुआ कि गैंग का मास्टरमाइंड और वाराणसी के प्रहलाद घाट का निवासी शुभम जायसवाल अपने पार्टनर्स वरुण सिंह, गौरव जायसवाल और पूरे परिवार के साथ कुछ महीने पहले दुबई भाग चुका है। वह वहीं से फेसटाइम के जरिए पूरे गैंग को निर्देश देता रहा। अमित ने बताया कि एबॉट कंपनी के कुछ अधिकारी इस अवैध कारोबार में शामिल थे और फर्जी फर्मों को भारी मात्रा में सिरप सप्लाई करते थे। इससे पहले इसी गैंग के दो सदस्य विभोर राणा और विशाल सिंह को 12 नवंबर को सहारनपुर से, वहीं सौरभ त्यागी सहित कई लोगों को रांची और गाजियाबाद से गिरफ्तार किया जा चुका है। अमित पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और धमकी जैसे कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। वह वाराणसी-जौनपुर क्षेत्र में कुख्यात अपराधी है। वरुणा पार क्षेत्र में ठिकाना बनाए अमित टाटा ने शुभम जायसवाल की मुलाकात पूर्वांचल के एक बाहुबली से कराई थी। कारोबार का एक चौथाई हिस्सा बाहुबली को शेयर करने के नाम पर सहमति बनी थी। लॉकडाउन से पहले मैदागिन क्षेत्र में मेडिकल स्टोर चलानेवाले शुभम जायसवाल को कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार की राह खाद्य एवं सुरक्षा औषधि प्रशासन वाराणसी के पूर्व सहायक आयुक्त ने दिखाई थी। मेरठ के सरधना निवासी कफ सिरप के मास्टरमाइंड आसिफ और वसीम से पूर्व सहायक आयुक्त ने ही लखनऊ में शुभम की मीटिंग कराई थी। शुभम के जरिये कफ सिरप की खेप उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, कोलकाता होते हुए बांग्लादेश और नेपाल तक पहुंचाई गई। पूर्वांचल के एक बाहुबली के कृपा पात्र सहायक आयुक्त के खिलाफ भी लखनऊ मुख्यालय से गोपनीय जांच शुरू हुई है। मेरठ के रहने वाले सहायक आयुक्त ने लखनऊ और वाराणसी में महंगी जमीन और फ्लैट तक बुक कराए हैं।

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