Movie prime
PMC_Hospital

सऊदी अरब: हूती विद्रोहियों के एयरपोर्ट हमले में हैदराबाद के भारतीय नागरिक की मौत

रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन/प्रोजेक्टाइल हमले में 12 लोगों की मौत; भारतीय दूतावास घायलों की मदद में जुटा।

Ad

 
jh
WhatsApp Group Join Now

Ad

 नई दिल्ली (भदैनी मिरर डेस्क रियाद) : मध्य पूर्व में सुलगती जंग की आग अब आम नागरिकों को भी अपनी चपेट में लेने लगी है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) की ओर से सऊदी अरब के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए एक भीषण हमले में भारत के एक नागरिक की मौत हो गई है, जबकि इस घटना में कई अन्य लोग घायल हुए हैं। हमले की पुष्टि भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा घटना के एक दिन बाद की गई है।

Ad

​​​​​​​ हैदराबाद के रहने वाले थे मृतक

इस दुखद घटना की जानकारी हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दी है। उन्होंने बताया कि हूती हमले में जान गंवाने वाला भारतीय नागरिक हैदराबाद का रहने वाला था। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक व्यक्ति अपने परिवार के साथ उमरा करने या किसी सिलसिले में वहां गया था। इस हमले में उनके परिवार के तीन अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

रियाद में स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और घायल भारतीयों तथा उनके परिजनों को हरसंभव सहायता मुहैया करा रहे हैं।

किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ था हमला

मीडिया रिपोर्ट्स और रॉयटर्स के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने 10 अक्टूबर को रियाद के रणनीतिक तौर पर बेहद अहम किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (King Khalid International Airport) के टर्मिनल 3 और 4 को निशाना बनाते हुए एयर स्ट्राइक (प्रोजेक्टाइल हमला) किया था। इस हिंसक हमले में कुल 12 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 3000 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। टर्मिनल 4 पर अचानक गिरे प्रोजेक्टाइल के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई थी।

सऊदी में भारतीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ीं

सऊदी अरब में वर्तमान में करीब 26 लाख भारतीय नागरिक निवास करते हैं और वहां की अर्थव्यवस्था व विकास में अहम योगदान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने पूर्व के दौरों में इस बात का जिक्र किया था कि सऊदी में रह रहे भारतीय वहां को अपना दूसरा घर मानते हैं। हालांकि, इस तरह के क्षेत्रीय संघर्षों और हवाई हमलों के बेकाबू होने से वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर गहरी हो गई हैं।