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80 करोड़ लोगों के लिए बड़ी खबर: ₹25,530 करोड़ की 'सार्थक-पीडीएस' योजना को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, राशन डीलरों का बढ़ा कमीशन

Modi Cabinet Decisions: 80 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा; ₹25,530 करोड़ की 'सार्थक-पीडीएस' योजना को मोदी कैबिनेट की मंजूरी

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नई दिल्ली / भदैनी मिरर ब्यूरो: देश के 80 करोड़ राशन लाभार्थियों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े लोगों के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की बैठक में 'सार्थक-पीडीएस' (Sarthak-PDS) योजना को विस्तार देते हुए इसे मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 25,530 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दे दी गई है।

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यह योजना 16वें वित्त आयोग चक्र की अवधि (अप्रैल 2026 से मार्च 2031) के दौरान एक व्यापक 'अंब्रेला' योजना के रूप में पूरे देश में प्रभावी ढंग से लागू की जाएगी।

क्या है 'सार्थक-पीडीएस' (Sarthak-PDS) योजना?

कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस योजना का पूरा नाम 'स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस' (Sarthak-PDS) है।

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यह योजना मुख्य रूप से देश की राशन वितरण प्रणाली को हाई-टेक बनाने, खाद्यान्न की बर्बादी रोकने और पारदर्शिता लाने पर केंद्रित है। इसमें होने वाले कुल खर्च में केंद्र सरकार अपनी तरफ से ₹25,530 करोड़ की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी देगी।

इस फैसले से आम जनता और डीलरों को क्या होगा फायदा?

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम (Food Security Program) चलाया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से पीडीएस प्रणाली में निम्नलिखित बड़े सुधार देखने को मिलेंगे:

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  • राज्यों को मिलेगी वित्तीय सहायता: योजना के तहत राज्य सरकारों की एजेंसियों को प्रदेश के भीतर अनाज के सुरक्षित परिवहन (Transportation), बेहतर भंडारण (Storage) और सुचारू वितरण से जुड़े खर्चों में केंद्र की तरफ से सीधी आर्थिक मदद दी जाएगी।

  • राशन डीलरों का बढ़ा कमीशन: कोटेदारों और राशन दुकान के डीलरों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। अब राशन दुकान के डीलरों का कमीशन बढ़ा दिया गया है, जिससे उनकी आय में सुधार होगा और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

  • टेक्नोलॉजी और आधुनिकीकरण: पूरे सिस्टम का ऑटोमेशन (स्वचालन) किया जाएगा। राशन की दुकानों और गोदामों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिससे घटतौली (कम राशन मिलना) और कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगेगी।

पारदर्शिता और आपूर्ति होगी अधिक सुगम

सरकार का मानना है कि इस योजना के पुनर्गठन और वित्तीय सहायता से सरकारी राशन की दुकानों तक अनाज पहुंचने की प्रक्रिया और तेज होगी। लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के, सही समय पर और सही मात्रा में डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए खाद्यान्न की आपूर्ति सुगम और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी।