देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल, NCC कैडेट्स की संख्या बढ़कर 20 लाख होगी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बड़ी घोषणा
“युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर सरकार का फोकस”; PPP मॉडल से खोले जाएंगे 100 नए सैनिक स्कूल
देश की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कई अहम घोषणाएं कीं। उत्तराखंड के सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की डायमंड जुबिली पर उन्होंने बताया कि सरकार देश भर में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने जा रही है। साथ ही, एनसीसी कैडेट्स की संख्या बढ़ाकर 20 लाख करने का भी निर्णय लिया गया है।


राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व गुणों को विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा— “पहले एनसीसी में 17 लाख कैडेट शामिल हो सकते थे, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख किया जा रहा है। इससे अधिक युवाओं को देशसेवा की संस्कृति सीखने का अवसर मिलेगा।”

PPP मॉडल के तहत खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल
रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल खोलने जा रही है। उन्होंने बताया कि सैनिक स्कूल सिर्फ सेना में करियर बनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यहां की शिक्षा छात्रों को प्रशासन, खेल, विज्ञान और संस्कृति जैसे हर क्षेत्र में नेतृत्व करने योग्य बनाती है।

लड़कियों के प्रवेश को बताया ऐतिहासिक कदम
अपने संबोधन में उन्होंने सैनिक स्कूलों में लड़कियों की भर्ती को “ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला” बताया। उन्होंने कहा कि बेटियों ने साबित किया है कि वे हर क्षेत्र में बेटों के बराबर हैं। “हमारी बेटियों ने प्रदर्शन से दिखा दिया कि क्षमता किसी लिंग पर निर्भर नहीं, अवसर पर निर्भर करती है।”
घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की उपलब्धियों की सराहना
डायमंड जुबिली समारोह में राजनाथ सिंह ने घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की उपलब्धियों को गर्व से याद किया। उन्होंने बताया कि इस अकेले स्कूल ने 800 से अधिक कैडेट NDA को दिए,
और 2,000 से अधिक युवा CDS व AFCAT के जरिए सेना में गए।
उन्होंने छात्रों के खेल, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना की।
कैडेट्स को दिया सफलता का मंत्र—“हमेशा तैयार रहें”
रक्षा मंत्री ने युवा कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए मानसिक और शारीरिक मजबूती अनिवार्य है। उन्होंने कहा— “हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें। अनुशासन और दृढ़ता ही आपको आगे बढ़ाएगी।” अंत में उन्होंने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब उसके नागरिक किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तत्पर हों।
