राहुल गांधी मानहानि मामला: सुल्तानपुर कोर्ट से बड़ी राहत, अमित शाह पर टिप्पणी केस में साक्ष्यों के अभाव में बरी
सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट (स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत) ने राहुल गांधी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
सुल्तानपुर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में उन्हें साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में राहुल गांधी के एक बयान से आहत होकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इस मामले की सुनवाई सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही थी। गत 13 अक्टूबर को मामले में बहस की लंबी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

कोर्ट की कार्यवाही
सोमवार को राहुल गांधी कोर्ट परिसर में पहुंचे। वह करीब 11 बजकर 19 मिनट पर कोर्ट में दाखिल हुए और 11 बजकर 33 मिनट पर बाहर आ गए। अदालत के भीतर लगभग 10 मिनट की समयावधि में स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने पूरे मामले का जिक्र करते हुए राहुल गांधी को बरी किए जाने के कारणों से अवगत कराया।
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के अधिवक्ता ने लिखित बहस में पक्ष रखते हुए कहा था कि बयान को सद्भाव के तहत दिया गया था और किसी को अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था। साथ ही बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने का तर्क भी रखा गया था। वहीं, परिवादी पक्ष के वकील ने बयान स्वीकार किए जाने के आधार पर सजा की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद समर्थकों ने खुशी जाहिर की।
