राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के घर पहुंची पंजाब पुलिस, गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले दरवाजे से भागे!
दो गैर-जमानती FIR दर्ज होने के बाद दिल्ली स्थित आवास पर रेड
नई दिल्ली/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी की भनक लगते ही सांसद पाठक अपने आवास के पिछले दरवाजे से निकलते हुए देखे गए, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


दो गैर-जमानती प्राथमिकियां (FIR) दर्ज
जानकारी के अनुसार, पंजाब पुलिस ने संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। ये प्राथमिकियां गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं। हालांकि, इन मामलों के विवरण को अभी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई उनके हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़ी हो सकती है।

संदीप पाठक का पलटवार: "वे डरे हुए हैं"
इस पूरी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद संदीप पाठक ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी एफआईआर की आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से देश की सेवा की है। देश किसी भी पार्टी से बड़ा है। अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जा रही है, तो यह साफ दिखाता है कि वे (आम आदमी पार्टी) कितने डरे हुए हैं। मैं झुकने वाला नहीं हूं।"

'आप' के लिए बड़ा झटका रहे हैं संदीप पाठक
गौरतलब है कि संदीप पाठक उन 7 राज्यसभा सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने पिछले महीने 24 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल की पार्टी 'आप' को यह कहते हुए अलविदा कह दिया था कि पार्टी अपने बुनियादी आदर्शों से भटक गई है। संदीप पाठक के साथ राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह जैसे दिग्गजों ने भी भाजपा का हाथ थामा था।
राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा इन सदस्यों के भाजपा में शामिल होने को आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद उच्च सदन में 'आप' के सदस्यों की संख्या सिमटकर केवल 3 रह गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'भागने' का वीडियो
दिल्ली में संदीप पाठक के आवास के बाहर सुबह से ही हलचल तेज थी। जैसे ही पंजाब पुलिस की टीम ने दस्तक दी, सांसद के पिछले दरवाजे से निकलने का एक कथित वीडियो सामने आया। भाजपा ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध (Vendetta Politics) बताया है, जबकि पंजाब सरकार के सूत्रों का कहना है कि पुलिस कानून के तहत अपनी कार्रवाई कर रही है।
