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राम मंदिर चंदे' पर देशभर में प्रदर्शन का एलान, 'वंदे मातरम' पर कांग्रेस का रुख साफ, कार्यक्रमों में गाए जाएंगे केवल दो अंतरे

1937 के ऐतिहासिक प्रस्ताव को कांग्रेस ने रखा बरकरार; 88 से अधिक दिग्गजों की मौजूदगी में तैयार हुआ आंदोलनों का खाका

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नई दिल्ली (भदैनी मिरर न्यूज़): कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के गायन और राम मंदिर चंदे के मुद्दे को लेकर पार्टी ने कई बड़े व रणनीतिक फैसले लिए हैं। बैठक में कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों में 1937 में अपनाए गए प्रस्ताव के तहत वंदे मातरम के शुरुआती दो अंतरे (पद) ही गाए जाएंगे। इसके साथ ही, राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों को लेकर पार्टी ने केंद्र सरकार और सत्ता पक्ष के खिलाफ देशभर में सड़क पर उतरने का निर्णय लिया है।

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वंदे मातरम पर क्यों बरकरार रखा 1937 का फैसला?

सूत्रों के मुताबिक, CWC की बैठक में वंदे मातरम के गायन को लेकर उठे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अक्तूबर 1937 में पारित ऐतिहासिक प्रस्ताव का हवाला दिया। कांग्रेस के अनुसार, 1937 में कार्यसमिति ने सर्वसम्मति से तय किया था कि राष्ट्रीय सभाओं और पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल पहले दो पद ही गाए जाएंगे। CWC ने इस पुराने रुख को यथावत रखने का फैसला किया है।

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राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर देशभर में होगा प्रदर्शन

CWC बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों को लेकर पार्टी के आगामी आंदोलनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आस्था का इस्तेमाल राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए करने वाले लोग अब बेनकाब हो चुके हैं।

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वेणुगोपाल ने बताया कि CWC ने सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों (PCC) को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे इस मुद्दे को जमीनी स्तर (Grassroot Level) तक लेकर जाएं और इसके विरोध में पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन आयोजित करें।

88 से अधिक दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

बैठक के विवरण साझा करते हुए केसी वेणुगोपाल ने बताया कि इस महत्वपूर्ण CWC बैठक में कार्यसमिति सदस्यों, स्थायी व विशेष आमंत्रित सदस्यों के साथ-साथ कांग्रेस शासित राज्यों के चारों मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। बैठक में कुल 88 से अधिक नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें से 33 वरिष्ठ सदस्यों और मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रीय मुद्दों तथा सांगठनिक रणनीति पर अपने विचार रखे। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी बैठक के प्रमुख बिंदुओं पर अपनी सहमति जताई।