पीएम मोदी ने आयुष्मान भारत और जन औषधि को बताया स्वास्थ्य क्रांति का आधार, जनता के बचे करोड़ों रुपये
स्टेंट, घुटने के इम्प्लांट और दवाइयां हुईं सस्ती, मेडिकल सीटें भी बढ़ीं।
नई दिल्ली (भदैनी मिरर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे (Public Healthcare System) को मजबूत करने और इलाज के खर्च को कम करने के लिए पिछले 12 वर्षों में किए गए प्रयासों को रेखांकित किया है। पीएम मोदी ने 'आयुष्मान भारत' और 'प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' जैसी कल्याणकारी योजनाओं को देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए वरदान बताया है।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने नागरिकों, विशेष रूप से सबसे कमजोर और वंचित वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाने के लिए लगातार काम किया है।
दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थ केयर प्रोग्राम है गर्व की बात: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "पिछले 12 वर्षों में, भारत ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को अधिक किफायती और सुलभ बनाने के लिए काम किया है। हमें गर्व महसूस होता है जब हमें दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान भारत वाले देश के रूप में जाना जाता है, जो सबसे कमजोर लोगों को शीर्ष गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है।"

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि '12 इयर्स ऑफ स्वस्थ भारत' के तहत अब तक तय किए गए इस सफर को और आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण किया जा सके।
सस्ती दवाइयों और मेडिकल सीटों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री ने देश में दवाओं की लागत कम करने में जन औषधि केंद्रों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण बाजार में स्टेंट और घुटने के इम्प्लांट की कीमतें आम आदमी के बजट में आ गई हैं, जिससे लाखों परिवारों को बड़ी वित्तीय राहत मिली है। इसके साथ ही, देश में नए मेडिकल संस्थानों और सीटों में भारी बढ़ोतरी होने से अब युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) भी पहले से कहीं अधिक सुलभ हो गई है।

क्या है आयुष्मान भारत और जन औषधि योजना का गणित?
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आयुष्मान भारत (AB PM-JAY): यह भारत सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो माध्यमिक और तृतीयक देखभाल के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज प्रदान करती है। हाल ही में इस योजना का विस्तार कर 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया गया है, चाहे उनकी आय कुछ भी हो।
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जन औषधि परियोजना (PMBJP): देश भर में खुले 19,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम जनता को बाजार से 50 से 80 प्रतिशत तक कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
युवाओं और स्टार्टअप्स ने बदली देश की तस्वीर
इससे पहले प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवाओं की भूमिका की भी सराहना की थी। उन्होंने कहा कि 'स्टार्टअप इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', 'स्किल इंडिया' और 'अटल इनोवेशन मिशन' जैसी पहलों के माध्यम से भारत की युवा आबादी नवाचार (Innovation) और उद्यमिता के पीछे की असली प्रेरक शक्ति रही है। आज भारत के युवा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर, ड्रोन और खेल सहित तमाम क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
