Op Sindoor Anniversary: जब भारत ने एक रात में मिटाया 100+ आतंकियों का वजूद, दहल उठा था पाकिस्तान
पहलगाम हमले का प्रतिशोध, PAK एयरबेस की तबाही और भारत का वो नया 'डिफेंस डॉक्ट्रिन'
भारत के सैन्य इतिहास में 7 मई की तारीख अब 'शौर्य' और 'प्रतिशोध' के पर्याय के रूप में दर्ज हो चुकी है। आज 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) को पूरा एक साल बीत गया है। यह वही ऑपरेशन था जिसने न केवल सीमा पार चल रहे आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाया, बल्कि पाकिस्तानी सेना के अहंकार को भी नेस्तनाबूत कर दिया था। 2025 में जब पाकिस्तान ने पहलगाम में कायराना हमला किया, तो भारत ने उसे वह जख्म दिया जिसे वह दशकों तक नहीं भूल पाएगा।


पहलगाम से शुरू हुई प्रतिशोध की पटकथा
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 मासूमों की जान गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो उस वक्त सऊदी अरब दौरे पर थे, तुरंत स्वदेश लौटे। 23 अप्रैल को सीसीएस की बैठक हुई और भारत ने सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की शुरुआत हो चुकी थी।

7 मई 2025: वो रात जब आसमान से बरसी 'सिंदूरी' आग
7 मई की तड़के भारतीय वायुसेना और थल सेना ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया।
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सटीक स्ट्राइक: पीओके और पाकिस्तान के अंदर स्थित 9 प्रमुख आतंकी कैंपों पर एयरस्ट्राइक की गई।
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नतीजा: एक ही रात में 100 से अधिक आतंकी मारे गए।
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नया सिद्धांत: पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अब परमाणु धमकी से नहीं डरेगा और आतंकियों के साथ उनके आकाओं (पाक सेना) को भी कीमत चुकानी होगी।
जब पाक सेना ने की हिमाकत और मिला करारा जवाब
7 से 9 मई के बीच बौखलाए पाकिस्तान ने करीब 400 ड्रोनों और मिसाइलों से भारतीय शहरों पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारत के अभेद्य वायु सुरक्षा घेरे ने उन्हें नाकाम कर दिया। जवाबी कार्रवाई में भारत ने:

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पाकिस्तान के 11 एयरबेस को खंडहर में तब्दील कर दिया।
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कुल 13 सैन्य ठिकानों पर सटीक प्रहार कर पाक वायुसेना की कमर तोड़ दी।
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किरना हिल्स के पास भारतीय हमले ने युद्ध की दिशा तय कर दी।
ऑपरेशन महादेव: गुनहगारों का अंत
जहाँ 'सिंदूर' ने सीमा पार तबाही मचाई, वहीं देश के भीतर 'ऑपरेशन महादेव' चलाया गया। महीनों तक चले इस अभियान का मकसद पहलगाम हमले के असली मास्टरमाइंड्स को चुन-चुन कर मार गिराना था, जिसमें सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली।
घुटनों पर पाकिस्तान और 10 मई का सीजफायर
तबाही इस कदर थी कि पाकिस्तान ने अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन) से गुहार लगाई। 10 मई 2025 को दोपहर 3:30 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष को फोन कर युद्ध रोकने की भीख मांगी। शाम 5 बजे युद्ध विराम हुआ, लेकिन यह कोई संधि नहीं बल्कि भारत की जीत का मौन ऐलान था।



