संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्ष का हंगामा, मल्लिकार्जुन खरगे ने दे डाली नसीहत, भाजपा को लगी मिर्ची
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष बेल में आकर करने लगा नारेबाजी
लोकसभा अध्यक्ष को करनी पड़ी कार्यवाही स्थगित, राज्यसभा में खरगे ने नये सभापति से कहा-उस तरफ मत देखिए खतरा है
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। अब सदन की कार्यवाही 2 दिसंबर को 11 बजे से शुरू होगी। यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में ऐसा कुछ कह दिया कि भाजपा को मिर्ची लग गई और पार्टी के नेता हंगामा करने लगे। दरअसल खरगे ने पूर्व उप राष्ट्रपति धनखड़ की विदाई के वक्त का जिक्र कर दिया और नये सभापति को नसीहत दे डाली। कहाकि उस तरफ मत देखिए खतरा है।




लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वेल में आकर नारे लगाने लगे। उन्होंने सदस्यों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन नही माने। आखिरकार स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही को दोपहर 12 तक स्थगित कर दिया। इसके बाद कार्यवाही कुछ समय के लिए चली। लेकिन फिर हंगामा शुरू हो गया। यह देखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन का स्वागत करते हुए नसीहत दे डाली। कहा कि आपको सिर्फ एक तरफ ही नहीं देखना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर तंज भी कसा।

खरगे ने सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करते हुए सभापति राधाकृष्णन से कहा, ’’मुझे आशा है कि आप दोनों तरफ बराबर हिस्सेदारी देंगे. दोनों तरफ बराबर ध्यान रखेंगे. आप अपने आसन से उस तरफ ज्यादा न देखें इस पर खतरा है और अगर इधर नहीं देखेंगे तो भी खतरा है, इसलिए आप दोनों तरफ संतुलन बना कर रखें तो अच्छा होगा. आपके सफल कार्यकाल की कामना करता हूं। खरगे ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जिक्र करते हुए कहाकि ’मुझे बड़ा दुख हुआ है। पूर्व चैयरमैन को फेयरवेल का मौका नहीं मिला। मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में कहा कि मुझे उम्मीद है कि आपको बुरा नहीं लगेगा कि मुझे आपके पहले वाले राज्यसभा के चेयरमैन के ऑफिस से पूरी तरह से अचानक जाने का जिक्र करना पड़ रहा है। हमें आशा है कि हमारे पूर्व के चैयरमेन का स्वास्थ्य अच्छा होगा। खरगे की प्रतिक्रिया के बाद भाजपा ने इसका विरोध किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहाकि खरगे जी ने एक बात का जिक्र किया, वह सही नहीं किया।

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी पलटवार किया। कहा कि शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री ने संसद के समक्ष मुख्य मुद्दों की बात करने के बजाय फिर से ‘ड्रामेबाजी’ की है। भारतीय जनता पार्टी को अब ध्यान भटकाने का नाटक खत्म कर जनता के असली मुद्दों पर संसद में चर्चा करनी चाहिए। सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभापति सी.पी. राधाकृष्णन का खास अंदाज में स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि कि वह संसद को चुनावी हार के बाद हताशा निकालने का मंच बना रहा है। यह सत्र राजनीतिक रंगमंच न बने, बल्कि रचनात्मक और परिणामोन्मुखी बहस का माध्यम बने।
