Obscene Imagery Case: अश्लील कंटेंट पर X ने मानी गलती, भारतीय कानून के पालन का भरोसा; 600 से अधिक अकाउंट किए बंद
ग्रोक AI से जुड़े अश्लील कंटेंट पर सरकार की सख्ती, X ने 3,500 से अधिक पोस्ट किए ब्लॉक
नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) ने अश्लील कंटेंट को लेकर अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा है कि वह भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन करेगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने अब तक 3,500 से अधिक आपत्तिजनक कंटेंट को ब्लॉक कर दिया है, जबकि 600 से ज्यादा अकाउंट्स को स्थायी रूप से बंद किया गया है।



यह कार्रवाई विशेष रूप से Grok AI से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर की गई है। सरकार ने हाल ही में एक्स से यह स्पष्ट करने को कहा था कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स के जरिए महिलाओं की अश्लील और यौन प्रकृति की तस्वीरें व कंटेंट बनाए जाने पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठा रहा है।

The social media platform 'X' has admitted its mistake and stated that it will comply with Indian law. Around 3,500 pieces of content were blocked, and over 600 accounts were deleted. Going forward, X will not allow obscene imagery: Government Sources
— ANI (@ANI) January 11, 2026
सरकार की सख्ती, X से मांगी गई थी पूरी जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने सरकार को इस संबंध में एक विस्तृत जवाब भेजा था, लेकिन उसमें कुछ अहम जानकारियों का अभाव पाया गया। इसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि Grok जैसे AI चैटबॉट्स का दुरुपयोग रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
सरकार ने खास तौर पर यह चिंता जताई थी कि AI तकनीक का इस्तेमाल कर महिलाओं की अश्लील तस्वीरें और आपत्तिजनक सामग्री बनाई जा रही है, जो भारतीय कानूनों और सामाजिक मूल्यों का उल्लंघन है।

अब नहीं मिलेगी अश्लील तस्वीरें पोस्ट करने की अनुमति
सरकारी सूत्रों का कहना है कि एक्स ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में वह अश्लील तस्वीरें पोस्ट करने की अनुमति नहीं देगा और ऐसी सामग्री पर कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू करेगा। प्लेटफॉर्म ने यह भी कहा है कि भारतीय कानूनों के तहत मिलने वाले सभी निर्देशों का वह पालन करेगा।
AI कंटेंट पर बढ़ी निगरानी
इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया और AI प्लेटफॉर्म्स पर नियामक निगरानी और सख्त होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित कंटेंट को लेकर सरकार और अधिक कड़े नियम लागू कर सकती है।
