'कोई बॉन्ड नहीं भरा, सड़कों पर उतरेंगे': दिल्ली पुलिस के दावे पर CJP संयोजक अभिजीत दिपके का पलटवार
हिरासत से रिहाई के बाद अभिजीत दिपके का बड़ा बयान; कहा— तानाशाही के खिलाफ जंग जारी रहेगी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और नेताओं को कानून का पालन करना चाहिए था।
नई दिल्ली/लखनऊ: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शन और उसके बाद की गई पुलिस कार्रवाई पर सियासी सरगर्मी थमने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली पुलिस द्वारा यह दावा किए जाने के बाद कि नेताओं को शांति बनाए रखने के मुचलके पर रिहा किया गया है, CJP संयोजक अभिजीत दिपके ने तीखा पलटवार किया है।

अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने प्रदर्शन न करने या शांति बनाए रखने से जुड़ा ऐसा कोई बॉन्ड नहीं भरा है, और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे।
CJP का कड़ा रुख और कानूनी मामलों की सफाई
रिहाई के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद छोड़ा गया। पार्टी का कहना है कि वे इस तानाशाही रवैये से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
हालांकि, इस राजनीतिक संघर्ष के बीच अभिजीत दिपके को व्यक्तिगत रूप से गहरे शोक का सामना करना पड़ा है। उनकी 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दिपके का निधन हो गया है, जिसके चलते वह महाराष्ट्र के हिंगोली जिले स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी के लिए रवाना हो गए हैं।
दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस: 'प्रदर्शन की नहीं थी अनुमति'
रविवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बुलाई गई एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीसीपी पीआरओ नेहा यादव ने पुलिस का आधिकारिक पक्ष रखा। पुलिस ने साफ किया कि दिल्ली में CJP के इस प्रदर्शन की कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं दी गई थी और प्रदर्शनकारियों ने कानून का पालन नहीं किया।
साथ ही, दिल्ली पुलिस ने यह भी दावा किया कि जैसे ही उन्हें अभिजीत दिपके की दादी के निधन की सूचना मिली, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर संवेदना व्यक्त की। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने दिपके को घर जाने के लिए फ्लाइट या बस की व्यवस्था में मदद करने और परिजनों से बात करवाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
'चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर हमलावर हुई CJP'
प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नहीं रह गई है, बल्कि अब यह देश के लोकतंत्र को बचाने की बड़ी लड़ाई बन चुकी है। CJP नेताओं का आरोप है कि सरकार हर हाल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
