सुनाम केस में नया मोड़: नशे पर वीडियो बनाकर सुसाइड की कोशिश करने वाला जग्गा सिंह निकला आदतन अपराधी
संगरूर SSP का बड़ा खुलासा— 4 मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है आरोपी; सरपंच पर लगाए आरोपों को ग्रामीणों और पंचायत ने बताया बेबुनियाद
संगरूर / भदैनी मिरर:
पंजाब के सुनाम उपमंडल अंतर्गत गांव नमोल में नशे के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइड का प्रयास करने वाले जग्गा सिंह मामले में नया मोड़ आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में संगरूर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रवजोत कौर ग्रेवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़ित होने का दावा करने वाला जग्गा सिंह खुद एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ संगीन धाराओं में 9 मामले दर्ज हैं।

SSP का खुलासा: 4 मामलों में पहले ही हो चुका है दोषी साबित
संगरूर की एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि बीते दिन डीसी कार्यालय परिसर में जग्गा सिंह नामक व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जांच में सामने आया है कि जग्गा सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है:
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9 दर्ज एफआईआर: उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 9 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 4 मामलों (आबकारी अधिनियम और NDPS एक्ट) में अदालत द्वारा उसे दोषी ठहराया जा चुका है।
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गंभीर धाराएं: उसके खिलाफ 4 अन्य मामलों में सुनवाई जारी है, जिनमें से एक मामला दुष्कर्म (Rape) जैसी गंभीर धारा से जुड़ा है।
एसएसपी ने बताया कि 12 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें जग्गा सिंह ने पुलिस प्रशासन को आत्महत्या करने की धमकी दी थी। उसी दिन इस संबंध में कानूनी मामला दर्ज कर लिया गया था।

सरपंच और ग्रामीणों का दावा: 'राजनीतिक सह पर कर रहा था ड्रामा'
मामले में नामजद किए गए गांव नमोल के सरपंच और ग्रामीणों ने जग्गा सिंह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पंचायत और ग्रामीणों का कहना है कि जग्गा सिंह खुद नशे का आदी है और अवैध रूप से नशा बेचने के धंधे में संलिप्त रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, जब भी पंचायत या गांव के लोग इलाके में नशे के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाते हैं, जग्गा सिंह उन्हें रोकने और डराने का काम करता है। पंचायत का आरोप है कि जग्गा सिंह को राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है ताकि गांव में नशा विरोधी अभियान चला रहे जनप्रतिनिधियों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा सके।

जग्गा सिंह के आरोप vs पुलिस जांच
अस्पताल में उपचाराधीन जग्गा सिंह ने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर नशा विरोधी वीडियो डालने के बाद गांव के सरपंच और उनके समर्थकों ने उसके घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी दी। साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर तक उखाड़ लिए गए।
फिलहाल, पुलिस ने जग्गा सिंह की पत्नी के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन एसएसपी का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं और जग्गा सिंह के आपराधिक बैकग्राउंड को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जा रही है।
