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संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सोनिया और राहुल गांधी पर नई FIR दर्ज

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दर्ज की FIR

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पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत और पटियाला हाउस कोर्ट के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की स्वीकार्यता पर आधारित है मामला

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) ने एक नई FIR दर्ज की है। इस FIR में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा 6 नाम शामिल हैं। ED मुख्यालय द्वारा EOW में शिकायत दर्ज करने के बाद एफआईआर रजिस्टर की गई है। इस एफआईआर में आपराधिक साजिश रचकर कांग्रेस से जुड़ी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) पर धोखाधड़ी से कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। अब संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने के पहले दर्ज हुए इस मुकदमे का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। माना जा रहा है कि शीतकालीन सत्र में इसका असर दिखाई देगा। इस मुद्दे पर भी हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। 

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ED ने अपनी जांच रिपोर्ट दिल्ली पुलिस से साझा की थी। इसमें पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत अनुसूचित अपराध दर्ज करने की सिफारिश की गई। इसमें आरोप है कि यंग इंडियन नामक कंपनी के जरिए एजेएल की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर नियंत्रण हासिल किया गया। एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा सैम पित्रोदा (इंडियन ओवरसीज कांग्रेस प्रमुख), तीन अन्य व्यक्ति और तीन कंपनियों के भी नाम हैं। कोलकाता की कथित शेल कंपनी है, जिसने यंग इंडियन को एक करोड़ रुपये दिए थे। इस लेन-देन से यंग इंडियन ने कांग्रेस को मात्र 50 लाख रुपये देकर एजेएल पर कब्जा कर लिया। इस संपत्ति का मूल्यांकन 2,000 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला फिर टाल दिया।

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विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने यह आदेश 16 दिसंबर को सुनाएंगे। ईडी ने इस केस में पीएमएलए के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को आरोपित बनाया है। एजेंसी का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में ईडी के वकील ने कोर्ट से कहा था कि सभी आरोपित अपना जवाब दाखिल करें, लेकिन आरोपित पक्ष के वकीलों ने इसका विरोध किया और केस के बड़े रिकॉर्ड को देखने के लिए और समय मांगा। इससे पहले कोर्ट ने सभी आरोपितों को इस बात की नोटिस दी थी कि संज्ञान लेने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। अदालत ने नए आपराधिक कानून BNS की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि आरोपित को इस स्तर पर भी सुना जाना फेयर ट्रायल के लिए जरूरी है।

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कोर्ट ने साफ किया कि यह प्रावधान पीएमएलए से टकराता नहीं है और पारदर्शिता को बढ़ाता है। अब अदालत 16 दिसंबर को यह तय करेगी कि ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं। नेशनल हेराल्ड मामले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत और 2014 में पटियाला हाउस कोर्ट के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा उसकी स्वीकार्यता पर आधारित है। इस मामले में ईडी ने 9 अप्रैल को गांधी परिवार और अन्य आरोपितों के खिलाफ PMLA के तहत एक अभियोजन शिकायत मतलब चार्जशीट दायर की थी। इसे राउज एवेन्यू स्थित विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश किया गया है। कोर्ट ने अभी इस पर संज्ञान नहीं लिया है। इधर, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा तीन अन्य लोगों के नाम  हैं। 

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