NEET Paper Leak 2026: सीबीआई का बड़ा एक्शन, 5 आरोपी गिरफ्तार; NTA दफ्तर से लेकर कई राज्यों तक ताबड़तोड़ छापेमारी
पेपर लीक कांड में जयपुर, नासिक और गुरुग्राम से हुई गिरफ्तारियां; सीबीआई ने खंगाला रिकॉर्ड, घेरे में कई बड़े सिंडिकेट।
नई दिल्ली। नीट (NEET-UG) 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर मामला दर्ज करने के बाद, एजेंसी ने देशभर में जाल बिछाकर इस धांधली में शामिल पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की टीमें न केवल आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, बल्कि जांच के सिलसिले में दिल्ली स्थित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय भी पहुंचीं।


इन पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
सीबीआई ने इस रैकेट की जड़ों तक पहुँचने के लिए अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तारियां की हैं:
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शुभम खैरनार: नासिक (महाराष्ट्र)
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मांगीलाल बिवाल: जयपुर (राजस्थान)
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विकास बिवाल: जयपुर (राजस्थान)
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दिनेश बिवाल: जयपुर (राजस्थान)
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यश यादव: गुरुग्राम (हरियाणा)
NTA कार्यालय में घंटों चली जांच
सीबीआई की एक विशेष टीम बुधवार को दिल्ली स्थित NTA कार्यालय पहुँची, जहाँ परीक्षा के संचालन और डेटा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की गई। सूत्रों के अनुसार, टीम ने उन संदिग्ध सेंटरों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की है, जो इस प्रक्रिया का हिस्सा थे।

कड़ी धाराओं में दर्ज हुआ मामला
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर सीबीआई ने 12 मई 2026 को आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और नए सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर
नीट परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों ने न केवल परीक्षा की शुचिता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य को भी अधर में डाल दिया है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए बार-बार होने वाले पेपर लीक पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
फिलहाल, सीबीआई गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट के 'मास्टरमाइंड' और अन्य संदिग्धों का पता लगाया जा सके।
