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नक्सली मना रहे पीएलजीए की 25वीं वर्षगांठ, सुरक्षा बल अलर्ट मोड में

नक्सलियों ने जारी किया था बुकलेट, स्वीकार की थी 8 सीसी मेम्बरों समेत 320 नक्सलियों के मारे जाने की बात 

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लगातार मुठभेड़ में मारे जाने और आत्समर्पण हो नक्सलियों के हौंसले हो रहे पस्त

छत्तीसगढ़। पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की 25 वीं वर्षगांठ को लेकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में फोर्स अलर्ट मोड में है। गौरतलब है कि पिछले 22 नवम्बर को नक्सलियों ने 17 पन्नों का बुकलेट जारी करते हुए 11 माह में 320 नक्सलियों के साथ ही 8 से अधिक सीसी मेम्बरों के मारे जाने का भी नक्सलियों ने बुकलेट में जिक्र किया है। वही 2 से 8 दिसंबर तक नक्सलियो ने द्वारा पीएलजीए वर्षगांठ मनाए जाने की बात भी कही है। 

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बता दें कि पीएलजीए की 25 वीं वर्षगांठ को देखते हुए नक्सलियों ने 17 पन्नो की बुकलेट जारी की है। बुकलेट में नक्सलियों ने बताया है कि पिछले 11 महीनों में 320 नक्सली लड़ाके मारे गये हैं। वहीं फोर्स से मुठभेड़ों में मारे गए नक्सलियों में 183 पुरुष और 117 महिलाएं शामिल होने की जानकारी भी दी गई थी। खास बात यह है कि नक्सलियों ने बताया है कि मारे गए 20 नक्सलियों का विवरण संगठन के पास भी मौजूद नहीं है। इसकी जांच की जा रही है। सवाल यह है कि फोर्स या पुलिस ने मुठभेड़ में जिन 20 नक्सलियों का जिक्र किया है वह आखिर कौन है? सबसे ज्यादा 243 नक्सली दंडकारण्य क्षेत्र में मारे गए हैं। इसी अवधि में बिहार-झारखंड में 22, असम में 1, ओड़िशा में 33, मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र में 7, तेलंगाना में 8 और एओबी में 6 नक्सली मारे गए है। नक्सलियों ने बुकलेट में यह भी बताया कि महासचिव बसवराजू के अलावा 8 सीसी मेंबरों का नाम शामिल किया है। यह भी बताया गया है कि मारे गए नक्सली 15 राज्य और 25 जिला स्तर की कमेटियों के प्रमुख थे। इन सभी बातों जानकारी के साथ ही नक्सलियों की सेंट्रल मिलिटरी कमीशन ने 2 से 8 दिसंबर तक पीएलजीए वर्षगांठ मनाने का आह्वान किया है।

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गौरतलब है कि नक्सलियों का पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) सप्ताह मंगलवार से है। इसे देखते हुए बस्तर में सुरक्षाबलों ने सवेंदनशील नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्चिग तेज कर दी है। संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए है। बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि नक्सलियों के पीएलजीए सप्ताह के दौरान किसी भी घटना को रोकने के लिए गश्त, सर्च ऑपरेशन और एंटी-नक्सल मूवमेंट तेज कर दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट पर रखा गया है। आपको बता दें कि नक्सली संगठनों द्वारा प्रतिवर्ष 2 से 8 दिसंबर तक पीएलजीए सप्ताह मनाया जाता है। इस बार भी नक्सलियों की केन्द्रीय कमेटी ने पीएलजीए सप्ताह मनाने का एलान करते हुए भारत बंद करने का आह्वान किया है।

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हालाकिं नक्सलियों के लगातार समर्पण के बीच नक्सलियों की एमएमसी जोन ने पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाने का एलान किया था, लेकिन केन्द्रीय कमेटी ने हर वर्ष की तरह इस बार भी पीएलजीए सप्ताह मनाने का एलान कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे एक ओर जहां नक्सलियों की इस घोषणा को उनके मनोबल गिरने और संगठन में बढ़ती अस्थिरता का संकेत मान रही हैं। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते दबाव और बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण और नक्सलियों के मारे जाने के कारण इस बार उनके हौंसले पस्त होते नजर आ रहे हैं। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इससे निश्चिंत नही हैं। उनका मानना है कि नक्सली मौका मिलने पर कभी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।