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जानलेवा कफ सिरप तस्करी कांड : पूर्व सांसद का करीबी और बर्खास्त सिपाही आलोक लखनऊ से गिरफ्तार

लखनऊ की अदालत में दी थी आत्मसमर्पण की अर्जी, टाटा के साथ गया था उज्जैन के महाकाल मंदिर

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मास्टरमाइंड शुभम के बाप भोला ने भी उगले कई अहम राज

वाराणसी, भदैनी मिरर। जानलेवा नशीले कफ सिरप तस्करी के सिंडीकेट के अहम सदस्य और बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह को यूपी एसटीएफ ने सोमवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ ने उसे लखनऊ के सुल्तानपुर रोड स्थित उसके घर के पास से गिरफ्तार किया गया है। आलोक सिंह जौनपुर के पूर्व सांसद एवं पूर्वांचल के बाहुबली धनंजय सिंह का करीबी है। इस मामले में एसटीएफ के हत्थे चढ़ चुका अमित सिंह टाटा भी मूल रूप से जौनपुर का रहनेवाला है। वह भी पूर्व सांसद का करीबी है। जबकि इस तस्करी कांड का मास्टरमाइंड और वाराणसी के प्रहलाद घाट  मोहल्ले का निवासी शुभम जायसवाल परिवार समेत दुबई में छिपा है। इसके पिता भोला जायसवाल को पुलिस तीन दिन पहले कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी हैं। 

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गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप पीने से 20 बच्चों की जान चली गई थी। यह खबर मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की। इस तस्करी में सत्ता से जुड़े कई सफेदपोश के शामिल होने की चर्चा है। आपको बता दें कि एसटीएफ ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह के खिलाफ सोमवार को लुक आउट सर्कुलर जारी करने की कवायद में जुटी थी। लेकिन वह एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। उसने राजधानी लखनऊ की अदालत में चार दिन पहले आत्मसमर्पण करने की अर्जी दी थी। इसी जानकारी के सहारे आलोक सिंह पकड़ा गया। आलोक सिंह, अमित सिंह टाटा और शुभम जायसवाल की तिकड़ी को इस सिंडीकेट का असली संचालक माना जा रहा है। तीनों ही पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खास हैं। धनंजय सिंह के साथ आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा की तस्वीरें और वीडियो जांच एजेंसिंयों के पास हैं और वह जांच कर रही हैं। हालांकि धनंजय सिंह से एसटीएफ और किसी जांच एजेंसी ने पूछताछ नही की है।

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बल्कि अपना नाम इस कांड में आने जाने के बाद धनंजय सिंह ने पीएम मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी को पत्र भेजकर सीबीआई जांच की मांग की है। जबकि इस कांड में गिरफ्तार अमित सिंह टाटा, आलोक सिंह और भोला के धनंजय से कनेक्शन की जानकारियां मिलती रही हैं। बर्खास्त सिपाही तो उनके साथ ही रहता रहा। अब एसटीएफ अमित सिंह टाटा, विभोर राणा, विशाल सिंह के साथ आलोक सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। वह देश के विभिन्न राज्यों समेत बांग्लादेश, नेपाल तक जानलेवा नशीले कफ सिरप की तस्करी के बारे में जानकारी जुटा रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस कफ सिरप का इस्तेमाल हार्डकोर नशेड़ी करते थे। कहीं भी झुग्गी झोपड़ी, मलिन बस्तियों के आसपास इस कफ सिरप की शीशियां फेंकी मिल जाएंगी। क्यांकि नशीली वस्तुओं की अपेक्षा यह नशे का सामान नशेड़ियों को असानी से उपलब्ध हो जाता था और सस्ता भी पड़ता था। यह भी बता दें कि अमित सिंह टाटा गिरफ्तारी से पहले बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह के साथ उज्जैन के महाकाल मंदिर दर्शन करने गया था। वहीं से एसटीएफ ने अमित को गिरफ्तार किया था और साथ में आलोक भी पकड़ा गया था। चर्चा है कि पूर्व सांसद के प्रभाव के कारण आलोक को उस समय छोड़ दिया गया था।  

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