
बसपा में बड़ा बदलाव, मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को सौंपी ये अहम जिम्मेदारी


बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी है। यह पद पार्टी अध्यक्ष के बाद दूसरा सबसे अहम माना जाता है। अब आकाश आनंद बसपा में नंबर दो की भूमिका में रहेंगे। इससे पहले वे राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर थे।



आकाश आनंद को मिली नई जिम्मेदारी
नए पद के तहत आकाश आनंद को पार्टी के सभी सेक्टर, केंद्रीय और राज्य कोऑर्डिनेटरों के कामकाज की समीक्षा करनी होगी। वह सीधे मायावती को रिपोर्ट करेंगे।
राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटरों की संख्या बढ़ी
मायावती ने राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी है। इनमें रामजी गौतम, राजाराम, रणधीर सिंह बेनीवाल, लालजी मेधांकर, अतर सिंह राव और धर्मवीर सिंह अशोक शामिल हैं। ये सभी अब आकाश आनंद के अधीन काम करेंगे।


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राजाराम के साथ मोहित आनंद,
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अतर सिंह राव के साथ सुरेश आर्या और
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धर्मवीर अशोक के साथ दयाचंद को जोड़ा गया है।
रामजी गौतम को दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार का प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति
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उत्तर प्रदेश – विश्वनाथ पाल को दोबारा जिम्मेदारी मिली।
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दिल्ली – राजेश तंवर
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मध्य प्रदेश – रमाकांत पिप्पल
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छत्तीसगढ़ – श्याम टंडन
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बिहार – शंकर महतो
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महाराष्ट्र – डॉ. सुनील डोंगरे
अन्य राज्यों में भी नए अध्यक्ष बनाए गए है, जिसमें कर्नाटक (एम. कृष्णा मूर्ति), तमिलनाडु (पी. आनंद), केरल (ज्वाय आर. थामस), हरियाणा (कृष्ण जमारपुर), पंजाब (अवतार सिंह करीपुरी), राजस्थान (प्रेम बारुपाल), झारखंड (शिव पूजन मेहता), पश्चिम बंगाल (मनोज हवलदार), ओडिशा (सरोज कुमार नायक), आंध्र प्रदेश (बंदेला गौतम), तेलंगाना (इब्राम शेखर), गुजरात (भगूभाई परमार), हिमाचल प्रदेश (विक्रम सिंह नायर), जम्मू-कश्मीर (दर्शन राणा), चंडीगढ़ (बृजपाल), उत्तराखंड (अमरजीत सिंह)।

आकाश आनंद की वापसी की कहानी
इससे पहले, मार्च 2025 में मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया था। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि आकाश पार्टी से ज्यादा अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में हैं। हालांकि, अप्रैल में उन्हें फिर से राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बनाया गया और अब अगस्त में उन्हें संगठन का सबसे अहम पद – राष्ट्रीय संयोजक – सौंप दिया गया है।
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी है। यह पद पार्टी अध्यक्ष के बाद दूसरा सबसे अहम माना जाता है। अब आकाश आनंद बसपा में नंबर दो की भूमिका में रहेंगे। इससे पहले वे राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर थे।
आकाश आनंद को मिली नई जिम्मेदारी
नए पद के तहत आकाश आनंद को पार्टी के सभी सेक्टर, केंद्रीय और राज्य कोऑर्डिनेटरों के कामकाज की समीक्षा करनी होगी। वह सीधे मायावती को रिपोर्ट करेंगे।
राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटरों की संख्या बढ़ी
मायावती ने राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी है। इनमें रामजी गौतम, राजाराम, रणधीर सिंह बेनीवाल, लालजी मेधांकर, अतर सिंह राव और धर्मवीर सिंह अशोक शामिल हैं। ये सभी अब आकाश आनंद के अधीन काम करेंगे।
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राजाराम के साथ मोहित आनंद,
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अतर सिंह राव के साथ सुरेश आर्या और
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धर्मवीर अशोक के साथ दयाचंद को जोड़ा गया है।
रामजी गौतम को दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार का प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति
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उत्तर प्रदेश – विश्वनाथ पाल को दोबारा जिम्मेदारी मिली।
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दिल्ली – राजेश तंवर
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मध्य प्रदेश – रमाकांत पिप्पल
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छत्तीसगढ़ – श्याम टंडन
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बिहार – शंकर महतो
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महाराष्ट्र – डॉ. सुनील डोंगरे
अन्य राज्यों में भी नए अध्यक्ष बनाए गए- कर्नाटक (एम. कृष्णा मूर्ति), तमिलनाडु (पी. आनंद), केरल (ज्वाय आर. थामस), हरियाणा (कृष्ण जमारपुर), पंजाब (अवतार सिंह करीपुरी), राजस्थान (प्रेम बारुपाल), झारखंड (शिव पूजन मेहता), पश्चिम बंगाल (मनोज हवलदार), ओडिशा (सरोज कुमार नायक), आंध्र प्रदेश (बंदेला गौतम), तेलंगाना (इब्राम शेखर), गुजरात (भगूभाई परमार), हिमाचल प्रदेश (विक्रम सिंह नायर), जम्मू-कश्मीर (दर्शन राणा), चंडीगढ़ (बृजपाल), उत्तराखंड (अमरजीत सिंह)।
आकाश आनंद की वापसी की कहानी
इससे पहले, मार्च 2025 में मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया था। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि आकाश पार्टी से ज्यादा अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में हैं। हालांकि, अप्रैल में उन्हें फिर से राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बनाया गया और अब अगस्त में उन्हें संगठन का सबसे अहम पद – राष्ट्रीय संयोजक – सौंप दिया गया है।

