man ki baat: पीएम मोदी ने याद किया 2016 का ट्रेंड, बोले– 10 साल पहले शुरू हुई यात्रा ने भारत को बनाया स्टार्ट-अप पावर
130वें एपिसोड में गणतंत्र दिवस, मतदाता दिवस, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, तमसा नदी और युवा संस्कृति पर बोले प्रधानमंत्री
नई दिल्ली, भदैनी मिरर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। यह साल 2026 का पहला मन की बात कार्यक्रम था। प्रधानमंत्री ने आगामी गणतंत्र दिवस, मतदाता दिवस, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, नदियों के पुनर्जीवन और युवाओं में उभरती नई सांस्कृतिक प्रवृत्तियों पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।


पीएम मोदी ने कहा कि 26 जनवरी का दिन हमें अपने संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है। इसी के साथ उन्होंने आज के दिन को मतदाता दिवस बताते हुए लोकतंत्र में मतदाता की अहम भूमिका पर जोर दिया।
पहली बार वोट देने वालों के लिए खास संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे हम जन्मदिन पर लोगों को शुभकामनाएं देते हैं, उसी तरह जब कोई युवा पहली बार मतदाता बने तो पूरे मोहल्ले, गांव या शहर को उसका अभिनंदन करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मौके पर मिठाइयां बांटी जाएं, जिससे समाज में मतदान के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो।

2016 के ट्रेंड को किया याद
मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर लोग साल 2016 की यादें साझा कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने खुद भी 10 साल पहले की एक अहम शुरुआत को याद किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जनवरी 2016 में हमने एक महत्वाकांक्षी यात्रा शुरू की थी। तब यह कदम भले ही छोटा लग रहा हो, लेकिन हमें पता था कि यह युवाओं और देश के भविष्य के लिए बेहद अहम साबित होगा।”

भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है। भारतीय स्टार्ट-अप्स पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले सोचना भी मुश्किल था।
उन्होंने बताया कि आज भारतीय स्टार्ट-अप—
- AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)
- अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा
- सेमीकंडक्टर
- मोबिलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन
- बायोटेक्नोलॉजी
जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। पीएम मोदी ने स्टार्ट-अप से जुड़े युवाओं को सलाम करते हुए उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।
तमसा नदी को मिला नया जीवन
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश की तमसा नदी का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की सजीव धारा है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली इस नदी को स्थानीय लोगों ने मिलकर पुनर्जीवित किया। नदी की सफाई, किनारों पर वृक्षारोपण और जनभागीदारी से तमसा को नया जीवन मिला।
युवाओं में उभरता नया सांस्कृतिक चलन
पीएम मोदी ने कहा कि आज के युवा भक्ति को अपने अनुभव और जीवन-शैली से जोड़ रहे हैं। इसी सोच से एक नया सांस्कृतिक ट्रेंड सामने आया है, जहां बड़े आयोजन, संगीत, रोशनी और मंच के साथ भक्ति कार्यक्रम किसी कॉन्सर्ट जैसे नजर आते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और त्योहार आज पूरी दुनिया में उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं, जिसमें विदेशों में बसे भारतीयों की भी बड़ी भूमिका है।
लोकतंत्र, संस्कृति और युवा शक्ति का संगम
मन की बात के जरिए पीएम मोदी ने लोकतंत्र, संस्कृति और युवा शक्ति को देश की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि जब समाज मिलकर सकारात्मक प्रयास करता है, तभी बड़े बदलाव संभव होते हैं।
