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LPG Crisis: ईरान युद्ध का असर भारत में, गैस सप्लाई पर दबाव; 25 दिन बाद ही होगी सिलेंडर बुकिंग

सरकार ने लागू किया ESMA, घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता; अमेरिका और नॉर्वे से गैस खरीदने की तैयारी
 

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LPG Supply Crisis: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश में एलपीजी गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है ताकि गैस की सप्लाई में किसी तरह की बाधा न आए और अफवाहों से बचा जा सके।

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सरकार ने साफ किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी, जबकि उद्योगों को पहले के मुकाबले लगभग 80 प्रतिशत ही गैस सप्लाई की जाएगी।


25 दिन बाद ही होगी सिलेंडर की बुकिंग

एलपीजी की जमाखोरी और पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग पर 25 दिन का नियम लागू किया है।
इस नियम के तहत उपभोक्ता नया सिलेंडर तभी बुक कर पाएंगे जब पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के कम से कम 25 दिन पूरे हो चुके हों। सरकार का कहना है कि इस कदम से गैस की उपलब्धता सभी उपभोक्ताओं तक संतुलित तरीके से पहुंच सकेगी।

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गैस उत्पादन में 10% तक बढ़ोतरी

एलपीजी संकट से निपटने के लिए सरकार ने देश की रिफाइनरियों को गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कई रिफाइनरियों ने उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है।
सरकार की प्राथमिकता फिलहाल यही है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।

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अमेरिका और नॉर्वे से गैस खरीदने पर विचार

सप्लाई संकट को देखते हुए भारत सरकार अब अमेरिका और नॉर्वे से एलपीजी खरीदने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। हालांकि इसमें एक बड़ी चुनौती यह है कि इन देशों से गैस आने में अधिक समय लगेगा और ट्रांसपोर्ट लागत भी बढ़ सकती है।


कतर से LNG सप्लाई में रुकावट

दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी निर्यातक देशों में शामिल कतर से गैस सप्लाई भी प्रभावित हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक कतर के रास लाफन LNG टर्मिनल से पिछले पांच दिनों से कोई गैस टैंकर रवाना नहीं हुआ है।

डेटा के अनुसार यह स्थिति 2008 के बाद सबसे लंबी रुकावट मानी जा रही है। वहीं 28 फरवरी के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से भी कोई LNG जहाज नहीं गुजरा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।


 रेस्तरां और होटल में महंगा हो सकता है खाना

एलपीजी संकट का असर होटल और रेस्तरां उद्योग पर भी पड़ सकता है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने के कारण कई जगहों पर इंडक्शन जैसे वैकल्पिक उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
ऐसे में बढ़ती लागत की भरपाई के लिए रेस्तरां और होटल अपने खाने के दाम बढ़ा सकते हैं।


सरकार की अपील: पैनिक से बचें

केंद्रीय मंत्री शोभा करांदलजे ने देशवासियों से अपील की है कि गैस की कमी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
एलपीजी सप्लाई में कमी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कुछ विपक्षी नेताओं ने सरकार पर इस मुद्दे को लेकर पर्याप्त तैयारी न करने का आरोप लगाया है।

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