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LPG Cylinder Subsidy: एलपीजी सब्सिडी पर सरकार का बड़ा फैसला, बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) हुआ अनिवार्य

रियायती दरों पर रसोई गैस सिलेंडर पाने के लिए अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण ज़रूरी, आरटीआई (RTI) में हुआ खुलासा

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नई दिल्ली / डिजिटल डेस्क (भदैनी मिरर): केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी और रियायती दरों को लेकर अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। अब रियायती कीमत पर एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Biometric Authentication) कराना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।

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सूचना का अधिकार (RTI) के तहत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) द्वारा दिए गए जवाब से यह नया अपडेट सामने आया है। यह आरटीआई पारदर्शिता कार्यकर्ता सेवानिवृत्त कमोडोर लोकेश के. बत्रा द्वारा दायर की गई थी।

क्या है नई गाइडलाइन और अंतिम तिथि (Deadline)?

IOCL द्वारा दिए गए आधिकारिक जवाब के अनुसार:

  • अंतिम तिथि: घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को रियायती दर पर सिलेंडर लेने की सुविधा जारी रखने के लिए 1 अक्टूबर 2026 तक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

  • एक बार की प्रक्रिया: यह ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है और सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को इसे केवल एक बार ही कराना होगा।

  • सत्यापन के विकल्प: उपभोक्ता अपनी 10 उंगलियों में से किसी एक के फिंगरप्रिंट, आंखों की पुतली (Iris Scanner) या फिर फेस रिकग्निशन (चेहरे के सत्यापन) के जरिए यह प्रमाणीकरण आसानी से पूरा कर सकते हैं।

उज्ज्वला योजना (PMUY) लाभार्थियों के लिए हर साल जरूरी होगा वेरिफिकेशन

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नियम और अधिक सख्त रखे गए हैं:

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  • उज्ज्वला योजना के तहत 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली ₹300 की लक्षित डीबीटी (DBT) सब्सिडी का लाभ बनाए रखने के लिए हर वित्तीय वर्ष में एक बार बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा।

  • यदि कोई उज्ज्वला लाभार्थी 31 मार्च तक अपना सत्यापन पूरा नहीं करता है, तो उस वित्तीय वर्ष में रोकी गई सब्सिडी स्थायी रूप से खत्म हो जाएगी।

  • सिलेंडर की सप्लाई नहीं रुकेगी: हालांकि, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण न होने की स्थिति में भी सिलेंडर की कमर्शियल डिलीवरी या बुकिंग नहीं रोकी जाएगी, केवल सब्सिडी का लाभ ही प्रभावित होगा।

2024 में सरकार का रुख और अब यू-टर्न

इससे पहले जुलाई 2024 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और संसद में दिए गए जवाबों में कहा गया था कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण केवल उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और सत्यापन न होने की स्थिति में किसी की सेवा या सब्सिडी बंद नहीं की जाएगी।

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हालांकि, ताजा आरटीआई दस्तावेजों के अनुसार, अब सरकार ने सब्सिडी की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फर्जी खातों पर लगाम लगाने के मकसद से 1 अक्टूबर 2026 तक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अंतिम रूप से अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है।