पत्नी और तीन मासूम बच्चों की बेहरमी से हत्या करनेवाला शराब और सट्टे का आदी अदरक कारोबारी गिरफ्तार
हत्या के लिए 90 रूपये में अनानास काटनेवाला चाकू ले आया था, सोते समय उतार दिया मौत के घाट
तीन की हत्या के बाद बड़ी बेटी जागी तो जबरी लिटाकर उसे भी मार डाला, नरपिशाच की करतूत से पुलिसवाले भी हैरान
नई दिल्ली। बाहरी-उत्तरी दिल्ली के समयपुर बादली स्थित चंदन पार्क में 25 फरवरी को पत्नी और तीन मासूम बच्चियों की हत्या करने वाले वाला मुनचुन केवट (42) पकड़ा गया और पुलिस ने पूछताछ के बाद चौकानेवाला खुलासा किया। मुनचुन शराब और सट्टा खेलने का आदी था। वह 90 रूपये में अनानास काटनेवाला चाकू मंडी से खरीदकर लाया था और महज पांच मिनट में अपने ही परिवार के चार लोगों का गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस को उसने बताया कि वह दो दिन से हत्या करने का प्रयास कर रहा था। उसने सामूहिक हत्या की वारदात को सुबह चार बजे ही अंजाम दे दिया था।


शराब और सट्टे के आदी अदरक कारोबारी मुनचुन केवट ने बाहरी-उत्तरी दिल्ली के समयपुर बादली स्थित चंदन पार्क में 25 फरवरी को पत्नी अनीता (32), तीन बेटियों अनुष्का (6), मुस्कान (5) और पल्लवी (4) की गला रेतकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद फरार हो गया था। जानकारी के अनुसार उसने करीबी दोस्तों से कर्ज लेकर सट्टा खेला और हार गया। उसने गांव के दोस्त मिथिलेश से 13 लाख रुपये कर्ज ले लिए थे। मिथिलेश लगातार रुपये वापस मांग रहा था। उसने पत्नी और दोनों बेटियों का गला सोते समय रेत दिया था। इसी दौरान उसकी बड़ी बेटी की आंख खुली तो उसे भी जबरी लिटाकर उसका भी गला रेत दिया। इस नरपिशाच की करतूत सुनकर पुलिसवालों के भी रोंगटे खड़े हो गये। सभी कहते सुने गये कि क्या कोई बाप ऐसा भी कर सकता है। पत्नी और बच्चों की निर्मम हत्या के बाद मुनचुन ने खुद को भी मारने की कोशिश की लेकिन अपनी जान देने की हिम्मत नही जुटा सका। जबकि मासूमों की जिंदगी उसने एक झटके में ले ली। यही नही वारदात को अंजाम देने के बाद उसने खून से सने अपने कपड़े बदले और पांच बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से दुरई एक्सप्रेस पकड़ी और अजमेर की ओर चला। अजमेर से एक स्टेशन पहले किशनगढ़ उतारा।

पुलिस ने उसे किशनगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2025 में चोरी का एक केस आदर्श नगर थाने में दर्ज है। हत्यारे ने पुलिस के बताया कि उसे 13 लाख रूपये कर्ज देनेवाले मिथिलेश ने 23 फरवरी को पैसे मांगे तो उसने बाद में देने की बात कही थी। इस पर मिथिलेश ने उससे कहा कि वह उसकी पत्नी और बच्चों को उठा लाएगा। बच्चों से मजदूरी कराएगा। इस बात पर मुनचुन आग बबूला हो गया। दोनों के बीच गाली-गलौज भी हुई। उसने मिथिलेश के मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर दिया था। यहीं से उसके मन में आया कि वह परिवार को खत्म कर खुद भी जान दे देगा। 23 फरवरी को अनानास काटने वाला चाकू खरीदा और उसे बैग में रखकर घर ले आया। उसने सोचा था कि रात में पत्नी और बच्चों को मार देगा लेकिन मौका हाथ नहीं लगा। अगले दिन वह बच्चों को बाजार लेकर गया और खरीदारी करवाई। इसके बाद वह घर पहुंचा तो पत्नी ने खीर बनाई थी। खाने-पीने के बाद पत्नी और बच्चे सो गए। मुनचुन सोया नहीं और चार बजे उसने वारदात को अंजाम दे दिया। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे के लिए पुलिस की दस टीमें लगाई गई थी। 800 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। पुलिस टीमें अजमेर, चेन्नई, बिहार, यूपी और राजस्थान गईं। जांच में उसका लोकेशन मिलता रहा और पुलिस ने उसे दबोच लिया।

