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लैंड फॉर जॉब घोटाले में लालू यादव परिवार की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने दिया आरोप तय करने का आदेश

लालू प्रसाद यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, बेटे तेजस्वी सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने दिया आदेश 

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29 जनवरी को तय किए जाएंगे आरोप, कोर्ट ने आरोपितों को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का दिया निर्देश

नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे में कथित जमीन के बदले नौकरी देने के बहुचर्चित घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट पर सुनवाई करते हुए अदालत ने लालू प्रसाद यादव, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए मामले में कुल 52 आरोपियों को बरी भी कर दिया। आपको बता दें कि लैंड फॉर जॉब घोटाले में राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार को बड़ा झटका लगा है। राउस एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित 40 से अधिक आरोपितो के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। 
CBI की चार्जशीट में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मृत्यु हो चुकी है।

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इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, बेटे तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सभी आरोपितों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि पूर्व रेल मंत्री लालू यादव ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और उन्होंने आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया। लालू यादव परिवार ने रेल अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीनें हासिल की। सीबीआई की चार्जशीट में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मृत्यु हो चुकी है।

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अधिवक्ता अजाज अहमद ने बताया कि CBI अदालत ने लालू प्रसाद यादव, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120बी और 13 के तहत आरोप तय किए हैं। अब आरोप 29 जनवरी को तय किए जाएंगे। इससे पहले 19 दिसंबर को हुई सुनवाई में विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा था कि आरोप तय करने से जुड़े आदेश 9 जनवरी को सुबह 10.30 बजे सुनाए जाएंगे। सीबीआई ने अदालत में एक सत्यापन रिपोर्ट दाखिल कर बताया था कि चार्जशीट में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो चुकी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रेलमंत्री रहते हुए लालू यादव ने भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र (जबलपुर) में ग्रुप-डी पदों पर नियुक्तियां नियमों को दरकिनार कर की। यह नौकरियां उन लोगों को दी गईं जिन्होंने लालू यादव के परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर जमीन उपहार में दी या ट्रांसफर की। सीबीआई का यह भी दावा है कि इन सौदों में बेनामी संपत्तियां भी शामिल थीं, जो आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आती हैं।

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