Karnataka Politics: बेंगलुरु में नई सरकार का शपथ ग्रहण, CM डीके शिवकुमार के साथ इन 13 मंत्रियों ने ली शपथ, देखें पूरी लिस्ट
जी परमेश्वर बने डिप्टी सीएम, मल्लिकार्जुन खड़गे और सिद्धारमैया के बेटों को भी कैबिनेट में मिली जगह
राजनीतिक डेस्क। कर्नाटक में कड़े सियासी सस्पेंस और लंबे मंथन के बाद आखिरकार नई सरकार ने आकार ले लिया है। बुधवार को बेंगलुरु में आयोजित एक भव्य समारोह में कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ कांग्रेस के 13 अन्य वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। मंत्रियों के विभागों का बंटवारा जल्द ही किया जाएगा।


जी परमेश्वर बने डिप्टी सीएम, खड़गे-सिद्धारमैया के बेटों की एंट्री
इस नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का खास ख्याल रखा गया है। वरिष्ठ दलित नेता जी परमेश्वर (G Parameshwara) को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके अलावा, कांग्रेस आलाकमान और राज्य के दिग्गज नेताओं के परिवारों को भी कैबिनेट में तरजीह मिली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है।

कर्नाटक की नई कैबिनेट: मंत्रियों की पूरी प्रोफाइल
1. डीके शिवकुमार (मुख्यमंत्री)
कांग्रेस के 'ट्रबल-शूटर' कहे जाने वाले डीके शिवकुमार साल 2020 से कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कनकपुरा विधानसभा सीट से लगातार चार बार (2008 से) चुनाव जीत चुके शिवकुमार इससे पहले सिद्धारमैया सरकार में दो साल से अधिक समय तक डिप्टी सीएम रह चुके हैं।

2. जी परमेश्वर (उपमुख्यमंत्री)
कर्नाटक के सबसे प्रमुख दलित नेताओं में से एक, जी परमेश्वर इससे पहले गृह मंत्री रह चुके हैं। कोराटागेरे सीट से विधायक परमेश्वर लगभग आठ वर्षों तक कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं, जो इस पद पर सबसे लंबा कार्यकाल है।
3. दिग्गज नेता और अनुभवी चेहरे:
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केएच मुनियप्पा: कोलार से लगातार सात बार लोकसभा सांसद रहे मुनियप्पा देवनहल्ली से विधायक हैं। वे पिछली सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं।
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केजे जॉर्ज: सर्वज्ञानगर से विधायक और कांग्रेस सरकारों में ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभालने वाले बेहद अनुभवी नेता हैं।
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एमबी पाटिल: बागलकोट/बीजापुर क्षेत्र के प्रभावशाली लिंगायत नेता और पूर्व उद्योग व बुनियादी ढांचा विकास मंत्री।
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रामलिंगा रेड्डी: बेंगलुरु की बीटीएम लेआउट सीट से वरिष्ठ विधायक, जो पहले गृह और परिवहन जैसे भारी-भरकम मंत्रालय संभाल चुके हैं।
4. युवा और क्षेत्रीय समीकरण:
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कृष्णा बायरेगौड़ा: बेंगलुरु के ब्याटरायनपुरा से विधायक, जो पहले ग्रामीण विकास, पंचायती राज और राजस्व मंत्री रह चुके हैं।
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सतीश जारकीहोली: उत्तर कर्नाटक के मजबूत नेता और येमकानमर्डी से विधायक, जिनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है।
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ईश्वर खंड्रे: बीदर जिले के भालकी से वरिष्ठ नेता, जो पिछली सरकार में वन और पर्यावरण मंत्री थे।
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यूटी खादर: तटीय कर्नाटक (मंगलुरु) के प्रमुख चेहरे और कर्नाटक विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष।
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शरण प्रकाश पाटिल: सेदम से विधायक और पेशे से डॉक्टर पाटिल, उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय संभाल चुके हैं।
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बायराथी सुरेश: हेब्बाल (बेंगलुरु) से विधायक, जिन्हें संगठन का लंबा अनुभव है और वे शहरी विकास मंत्री रह चुके हैं।
5. नई पीढ़ी को मौका:
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प्रियांक खड़गे: चित्तापुर से विधायक और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे। वे पहले आईटी/बीटी और ग्रामीण विकास मंत्रालय देख चुके हैं।
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यतींद्र सिद्धारमैया: मैसूर के वरुणा निर्वाचन क्षेत्र से आने वाले यतींद्र पहली बार मंत्री बने हैं।
भदैनी मिरर विशेष नोट: कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व में बनी इस नई सरकार के सामने चुनावी वादों को पूरा करने और प्रशासनिक कसावट लाने की बड़ी चुनौती होगी। मंत्रियों को विभागों का आवंटन होने के बाद सरकार की दिशा और स्पष्ट होगी।
