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J&K: 'मंत्री जी तो AC में बैठी होंगी...' गर्मी की छुट्टी पर शिक्षा मंत्री को ट्रोल करने वाले 12 वर्षीय छात्र पर एक्शन, CWC ने दिए FIR के आदेश

Kashmir Viral Video: 'वो AC में बैठी होंगी...', शिक्षा मंत्री को ट्रोल करने वाले 12 साल के बच्चे पर CWC सख्त, FIR के आदेश

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श्रीनगर (भदैनी मिरर डेस्क): जम्मू-कश्मीर में अत्यधिक गर्मी के बीच स्कूलों में छुट्टियां घोषित न होने पर सूबे की शिक्षा मंत्री सकीना इटू की तीखी आलोचना करने वाले 12 साल के एक स्कूली छात्र का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला अब कानूनी और सामाजिक विवाद में तब्दील हो गया है। सरकारी बाल कल्याण समिति (CWC) ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस को एफआईआर (FIR) दर्ज करने और सोशल मीडिया से इस वीडियो क्लिप को तुरंत हटाने का आदेश दिया है।

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क्या कहा था बच्चे ने वीडियो में?

वायरल वीडियो में बच्चा घाटी में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने के बावजूद गर्मियों की छुट्टियां न दिए जाने पर बेहद गुस्से में नजर आ रहा है। उसने शिक्षा मंत्री सकीना इटू पर निशाना साधते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि मंत्री जी के शायद ऐसे बच्चे होंगे जो स्कूल जाते होंगे। वह खुद एक एसी कमरे में बैठी होंगी। फिर कहती हैं 'गर्मियों की छुट्टी का क्या करना है जी...।"

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गौरतलब है कि अमूमन मौसम के मिजाज को देखते हुए कश्मीर घाटी में जुलाई-अगस्त के दौरान दो हफ्तों के लिए स्कूल बंद किए जाते हैं। हालांकि, इस विवाद के गहराने के बीच प्रशासन ने अब 6 जुलाई से 19 जुलाई तक गर्मियों की छुट्टियों का एलान कर दिया है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, मीरवाइज ने जताई चिंता

इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर दो धड़े बन गए हैं। एक पक्ष इसे बच्चे की 'अभिव्यक्ति की आजादी' बताते हुए उसकी बेबाकी की तारीफ कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे बुनियादी परवरिश और सामाजिक मूल्यों की कमी मान रहा है।

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कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के बाद इस पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बच्चे की टिप्पणियों को 'असभ्य' बताते हुए कहा, "हमारे समाज को यह सोचना होगा कि क्या इतने छोटे बच्चों को परिणामों को समझे बिना इस तरह सोशल मीडिया के सामने लाना और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं के लिए उनका इस्तेमाल करना सही है?"

बाल कल्याण समिति (CWC) का कड़ा रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए CWC ने उस न्यूज पोर्टल को तलब किया है जिसने इस वीडियो को सबसे पहले रिकॉर्ड और अपलोड किया था। CWC के नोटिस के मुताबिक, न्यूज पोर्टल ने बच्चे के माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति और स्कूल प्रशासन की अनुमति के बिना यह इंटरव्यू लिया, जो नियमों का उल्लंघन है।

CWC ने नई एडवाइजरी जारी कर बच्चों के ऐसे किसी भी इंटरव्यू, फिल्मांकन या वीडियो के प्रसार पर रोक लगा दी है जिससे उनकी निजता, सुरक्षा, गरिमा या भविष्य को ठेस पहुंच सकती है।

'बच्चे के भविष्य पर पड़ सकता है बुरा असर'

CWC की चेयरपर्सन खैर-उल-निसा ने कहा: "जब वीडियो वायरल हुआ, तब हमें बच्चे या स्कूल की पहचान नहीं मालूम थी। वीडियो को जिस तरह सनसनीखेज बनाया गया है, उससे डर है कि बच्चा शायद अब दोबारा स्कूल लौटने में हिचकिचाए। पत्रकारों को बच्चों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर अधिक विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।"

CWC प्रमुख ने बताया कि बच्चे की स्कूल यूनिफॉर्म से उसके स्कूल की पहचान कर ली गई है और मामले के सत्यापन के लिए शनिवार को स्कूल के प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) को समिति के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है।