Movie prime
PMC_Hospital

जामताड़ा सदर अस्पताल तोड़फोड़ मामला: BJP जिलाध्यक्ष सुमित शरण समेत 8 नेताओं पर FIR दर्ज, पुलिस खंगाल रही CCTV फुटेज

अस्पताल उपाधीक्षक की शिकायत पर टाउन थाने में केस दर्ज; सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और चिकित्सीय कामकाज ठप करने का आरोप।

Ad

 
जामताड़ा सदर अस्पताल
WhatsApp Group Join Now

Ad

जामताड़ा

 झारखंड के जामताड़ा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गुरुवार को जामताड़ा सदर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। जामताड़ा टाउन थाने की पुलिस ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिलाध्यक्ष समेत आठ प्रमुख नेताओं को नामजद करते हुए कई अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया है।

Ad
Ad

बीजेपी जिलाध्यक्ष और वार्ड पार्षद समेत 8 पर केस दर्ज

यह पूरी कानूनी कार्रवाई सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर की गई है। अस्पताल प्रशासन की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टाउन थाना पुलिस ने स्थानीय भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और उनके सहयोगियों को मामले में आरोपी बनाया है।

Ad

एफआईआर (FIR) में नामजद किए गए मुख्य आरोपी

  • सुमित शरण (भाजपा जिलाध्यक्ष)

  • कमलेश मंडल (भाजपा जिला महामंत्री)

  • कुणाल सिंह (भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष)

  • प्रदीप राउत (नगर अध्यक्ष)

  • आकाश साव

  • टिंकू साव

  • राज सोनकर

  • बच्चू साव (वार्ड पार्षद)

इन आठ नामजद नेताओं के अलावा भीड़ में शामिल कई अन्य अज्ञात लोगों को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया गया है।

सरकारी काम में बाधा और तोड़फोड़ का आरोप

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, गुरुवार को इन नेताओं के नेतृत्व में एक भीड़ अस्पताल परिसर में दाखिल हुई थी। इसके बाद वहां जमकर हंगामा किया गया। आरोप है कि उपद्रवियों ने अस्पताल के भीतर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और तोड़फोड़ की।

Ad

इस हंगामे के कारण अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को अपने कर्तव्यों का पालन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आपातकालीन सेवाओं और मरीजों के इलाज में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच डर का माहौल बन गया।

CCTV फुटेज से होगी अन्य उपद्रवियों की पहचान

मामला दर्ज होने के बाद जामताड़ा टाउन थाने की पुलिस इस केस की विस्तृत जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रही है।

पुलिस का बयान: "सरकारी अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर तोड़फोड़ और चिकित्सा व्यवस्था को बाधित करना एक गंभीर अपराध है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए उन सभी अज्ञात चेहरों की पहचान की जा रही है, जो इस घटना के दौरान तोड़फोड़ और नारेबाजी में शामिल थे। आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।"