जबलपुर क्रूज हादसा: 48 घंटे बाद मिले दो मासूमों के शव, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 11; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
खराब मौसम के बीच सेना और NDRF का सर्च ऑपरेशन, ओवरलोडिंग और लापरवाही ने ली मासूमों की जान
जबलपुर (मध्य प्रदेश): जबलपुर के बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे में गम और आक्रोश का माहौल बना हुआ है. पिछले 48 घंटों से जारी सर्च ऑपरेशन के बाद आज दो और मासूम बच्चों के शव बरामद किए गए हैं, जिससे इस हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है.


मासूमों के शव मिलने से पसरा सन्नाटा
शनिवार को रेस्क्यू टीम ने 4 साल के विराज सोनी और 5 साल के श्रीतमिल के शव डैम से बाहर निकाले. हृदयविदारक बात यह है कि विराज की मां नीतू सोनी की मौत भी इस हादसे में एक दिन पहले हो चुकी थी. मां-बेटे की मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. प्रशासन के मुताबिक, अभी भी दो बच्चों सहित 3 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें जुटी हुई हैं.

खराब मौसम बना सर्च ऑपरेशन में बाधा
शनिवार सुबह से ही गोताखोर डैम के गहरे हिस्सों में लापता लोगों को तलाश रहे हैं, लेकिन दोपहर बाद अचानक बदले मौसम ने रेस्क्यू अभियान में मुश्किलें खड़ी कर दीं. करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी और तेज हवाओं के कारण डैम में ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे सुरक्षा कारणों से कई बार सर्चिंग रोकनी पड़ी. एसडीओपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद सर्चिंग का दायरा बढ़ाया जा रहा है.

लापरवाही की इंतहा: 29 की जगह सवार थे 47 पर्यटक
जांच में सामने आया है कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे जब यह हादसा हुआ, तब एमपी टूरिज्म के इस क्रूज में भारी लापरवाही बरती गई थी. क्रूज में महज 29 लोगों की टिकट कटी थी, जबकि उस पर 47 पर्यटक सवार थे. किनारे से महज 300 मीटर की दूरी पर तेज आंधी के कारण ओवरलोडेड क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया. इस बड़ी प्रशासनिक चूक और लापरवाही को लेकर अब पूरे प्रदेश में आक्रोश देखा जा रहा है.
