IPO 2025: अगले दो महीनों में ICICI Prudential AMC, Meesho सहित कंपनियां जुटाएंगी 40,000 करोड़ रुपये
आईपीओ बाजार में जोर, बड़े और मिडकैप फर्में अगले हफ्तों में सूचीबद्ध होने की तैयारी में, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
नई दिल्ली। भारत का आईपीओ (Initial Public Offering) सेक्टर इस वर्ष भी जोर पकड़ता दिख रहा है। अगले दो महीनों में करीब दो दर्जन कंपनियां, जिनमें ICICI Prudential AMC, Meesho और Juniper Green Energy शामिल हैं, अपने पब्लिक इश्यू लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन आईपीओ से कुल मिलाकर लगभग 40,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।


आगामी आईपीओ की प्रमुख कंपनियां
- ICICI Prudential AMC – दिसंबर के दूसरे हाफ में 1.76 करोड़ शेयरों के OFS के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना।
- Meesho – 3 दिसंबर से पब्लिक इश्यू, 4,250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,171 करोड़ रुपये का OFS।
- Fractal Analytics – 4,900 करोड़ रुपये
- Wakefit Innovations, Innovatiview India, Park Medi World – विभिन्न पूंजी जुटाने की योजनाओं के साथ।
- Juniper Green Energy – 3,000 करोड़ रुपये
- अन्य प्रमुख कंपनियां: Aequs (922 करोड़), Vidya Wires (300 करोड़), Clean Max Enviro Energy Solutions (5,200 करोड़)।
इसके अलावा, दिसंबर और जनवरी के बीच Manipal Payment, Kanodia Cement, Corona Remedies, Milky Mist, Amagi Media Labs, Nephrocare Health Services, Veeda Clinical जैसी कंपनियां भी सूचीबद्ध होने की तैयारी में हैं।
आईपीओ बाजार में रुझान और निवेशक उत्साह

विशेषज्ञों का कहना है कि रेखीय घरेलू निवेश और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से आईपीओ मार्केट मजबूत बना हुआ है। इस साल अब तक 96 कंपनियों ने शेयर बाजार में एंट्री की, जिनसे कुल 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए।
अनंद राठी के थॉमस स्टीफन ने कहा, “दिसंबर में कई आईपीओ होने के चलते कुल फंडरेजिंग 2025 में 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो भारतीय प्राथमिक बाजार के लिए नया रिकॉर्ड होगा।”

निवेशकों को सलाह और जोखिम प्रबंधन
Mavenark के शंतनु अवस्थी ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी। उनका कहना है कि निवेशक वैल्यूएशन और कंपनियों की दीर्घकालिक संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश करें।
उद्देश्य और निवेश का उपयोग
आईपीओ से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनियां ऑपरेशन विस्तार, कैपिटल प्रोजेक्ट्स, कर्ज चुकाने और अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेंगी।
