नाबालिगों के यौन शोषण के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का मामला-पांच से 16 वर्ष के बच्चों को चंगुल में फंसाता था गिरोह
मामले में गिरफ्तार किये गये थे अनपरा के जेई दम्पती, यौन शोषण कर बनाते थे वीडियो और बेचता था गिरोह
ईमेल और क्लाउड सेवाओं के जरिए देश-विदेश के संदिग्धों से जुड़ने की कोशिश करता था गिरोह
बांदा कोर्ट ने निलंबित जेई रामभवन और पत्नी दुर्गावती को दोषी ठहराते हुए सुनाई फांसी की सजा
चित्रकूट। चित्रकूट के कर्वी शहर की एसडीएम कॉलोनी में 33 बच्चों का यौन शोषण कांड आखिरकार अपने अंजाम तक पहुंच गया। पांच साल की सुनवाई के बाद बांदा की विशेष अदालत ने सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। चित्रकूट में नाबालिगों के यौन शोषण और वीडियो बेचने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क संचालित करनेवाले जेई दम्पती के मामले में नये-नये खुलासे हुए हैं। यह गिरोह हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एपस्टीन के यौन शोषण की तर्ज पर ही काम करता था। आपको बता दें कि सीबीआई ने दिल्ली और सोनभद्र से जुड़े इस गिरोह के जेई नीरज यादव और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार किया था। नाबालिगों के यौन शोषण और उनके वीडियो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेचने वाले गिरोह से दोनों जुड़े थे। इसके अलावा इस गिरोह में और लोग भी शामिल थे। नया मामला यह है कि सीबीआई की जांच में सामने आया कि आरोपित पांच से 16 वर्ष तक के बच्चों को मोबाइल, उपहार और रुपये का लालच देकर अपने जाल में फसाते थे। उनके पास से बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों का उपयोग अवैध सामग्री तैयार और संग्रहित करने में किया जाता था। डिजिटल जांच में पता चला कि वह ईमेल और क्लाउड सेवाओं के जरिए देश-विदेश के संदिग्धों से जुड़ने की कोशिश करता था।



गौरतलब है कि सितंबर में अनपरा के रहनेवाले इंजीनियर नीरज यादव को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद उसके घर से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। दिल्ली में रहकर नौकरी करने वाले नीरज ने आनलाईन आपत्तिजनक लिंक साझा किया तो एजेंसियों की उस पर नजर पड़ गई। नीरज और उसकी पत्नी के नेटवर्क का पता चलने के बाद सीबीआई एक नवंबर की रात चित्रकूट पहुंची। टीम उत्तर प्रदेश पर्यटक आवास गृह में ठहरी और आरोपितों की गतिविधियों की छानबीन करती रही। लेकिन आरोपितों को इसकी भनक भी नही लग सकी। इसके बाद 16 नवंबर को टीम फिर आई और साक्ष्य जुटाकर रामभवन को गिरफ्तार किया। पता चला कि बाल यौन शोषण जैसे घिनौने कार्य को अंजाम देनेवाले आरोपित ने कर्वी नगर के शोभा सिंह का पुरवा स्थित किराये के मकान को अपना ठिकाना बना रखा था।

यहां इंजीनियर अपनी पत्नी दुर्गावती के साथ रहता था। जांच में यह भी सामने आया कि बांदा, चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर के 50 से अधिक बच्चों का शोषण किया गया है। अब जेई की गिरफ्तारी के बाद 28 दिसंबर 2020 को सीबीआई ने उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार किया। दुर्गावती को इसलिए पकड़ा गया कि वह गवाहों को धमकाने, लालच देकर बयान बदलवाने और पति के अपराधों को छिपाने के प्रयास में जुटी थी। गिरफ्तारी के बाद उसे बांदा स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। दुर्गावती के खिलाफ पाक्सो एक्ट, आपराधिक साजिश की धारा के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। घिनौने कृत्य में बांदा के नरैनी निवासी रामभवन को गिरफ्तार किया गया। उसने हाईस्कूल पास करने के बाद पालिटेक्निक की पढ़ाई बांदा से की। इसके बाद उसे 2009-10 में नौकरी मिली। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उसका लखनऊ, दिल्ली और प्रयागराज आना-जाना लगा रहा और वह रूपयों के लालच में संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ गया।


शांत दिखता था रामभवन और करता रहा घिनौना काम
मूल रूप से बांदा के नरैनी खरौंज निवासी रामभवन की तैनाती कर्वी में 2009-10 में हुई थी। वर्ष 2004 में उसकी शादी दुर्गावती से हुई।। वह अर्जुन सहायक परियोजना महोबा और रसिन बांध परियोजना चित्रकूट का कार्य देख रहा था। पोस्टिंग के शुरुआती दिनों में उसने सिकरी गांव निवासी कक्कू सिंह का मकान किराए पर लिया। जब पड़़ोसियों ने मकान मालिक से उसकी संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की। इस जेई ने घर में खाना बनाने के लिए एक महिला को रखा। उसकी दो बेटियां भी उसके यहां वहां आती-जाती रही। जब उस पर लोगों का संदेह गहराने लगा तो मकान मालिक ने घर खाली करा लिया। इसके बाद वह एसडीएम कॉलोनी स्थित मकान की ऊपरी मंजिल पर किराए से रहने लगा। उसी मकान के निचले तल पर मकान मालिक का परिवार भी रहता था। पहले तो पत्नी भी साथ रही और बाद में उसका आना-जाना लगा रहा। शांत स्वभाव का रामभवन सुबह दफ्तर जाता और शाम को लौटता। बच्चे दूध या छोटे-मोटे काम के लिए उसके यहां जाते रहे। यदि बच्चों को देर हो गया तो वह परिवारवालों को गेम खेलने का बहाना बना देते थे। वर्ष 2020 के लॉकडाउन के दौरान वह गांव नहीं गया। इसी दौरान उसने बच्चों को मोबाइल, टीवी गेम और अन्य सामान का लालच देकर बुलाया। जांच में सामने आया कि बच्चों के साथ दुष्कर्म कर वीडियो बनाता रहा और उन्हें इंटरनेट पर साझा करता रहा। जब यह मामला उजागर हो गया तो इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई।
