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भारत का ‘पिनाका’ बना दुश्मनों का काल: US रिपोर्ट में तारीफ, 120 KM तक सटीक वार करने में सक्षम

नए लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट से बदली भारतीय सेना की रणनीति, फ्रांस समेत कई देशों की बढ़ी दिलचस्पी
 

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नई दिल्ली। भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है। भारतीय सेना में शामिल किए गए पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) को लेकर अमेरिका की एक प्रतिष्ठित रक्षा पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट में इसकी जमकर तारीफ की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिनाका सिस्टम ने भारतीय सेना की युद्ध रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सेना अब केवल अंधाधुंध फायरिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि 120 किलोमीटर दूर तक बेहद सटीक हमला करने की क्षमता हासिल कर चुकी है। पिनाका सिस्टम पारंपरिक तोपखाने को एक ऐसे हथियार में बदल देता है, जो दुश्मन के भीतर गहरे तक प्रभावी प्रहार कर सकता है।

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डीआरडीओ की स्वदेशी ताकत

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने वर्ष 2025 में LRGR-120 का सफल परीक्षण किया था। परीक्षण के दौरान रॉकेट ने 120 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य को अत्यंत सटीकता से भेदा। यह प्रणाली पूरी तरह स्वदेशी है और इसे मौजूदा पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) से ही दागा जा सकता है, जिससे अतिरिक्त लागत भी नहीं आती।

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कितनी घातक है पिनाका?

LRGR-120 में अत्याधुनिक इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS),  बीच रास्ते में टारगेट अपडेट की क्षमता, अंतिम चरण में सटीक गाइडेंस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। एक पिनाका लॉन्चर से एक साथ आठ गाइडेड रॉकेट दागे जा सकते हैं। इनका उपयोग दुश्मन के कमांड सेंटर, तोपखाने, लॉजिस्टिक बेस और सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है।

फ्रांस ने दिखाई दिलचस्पी

अमेरिकी रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट सिस्टम में रुचि दिखाई है। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय हथियार बाजार में भारतीय रक्षा उत्पादों की मांग बढ़ रही है। हालांकि अमेरिका के HIMARS सिस्टम की रेंज अधिक है, लेकिन पिनाका भारत के लिए किफायती, प्रभावी और स्वदेशी विकल्प बनकर उभरा है।

भविष्य में और बढ़ेगी रेंज

रिपोर्ट के अनुसार पिनाका एक स्थिर प्रणाली नहीं है। DRDO भविष्य में इसकी रेंज को 200 से 300 किलोमीटर तक बढ़ाने पर काम कर रहा है। इससे चीन और पाकिस्तान से मिलने वाली सैन्य चुनौतियों के बीच भारत की रणनीतिक क्षमता और मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिनाका जैसे स्वदेशी हथियार न केवल भारत की सैन्य ताकत बढ़ाते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई मजबूती देते हैं।

 

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