वोटर लिस्ट से नाम कटा तो बंद हो जाएगा सरकारी योजनाओं का लाभ
"वोट देने का अधिकार, जीने का अधिकार है" - घर-घर पहुंचेगा चुनाव आयोग, जानें क्या है सरकार का नया फरमान
बेंगलुरु (भदैनी मिरर डेस्क): कर्नाटक में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) की शुरुआत के साथ ही राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि जो लोग अपना मतदान का अधिकार खो देंगे, वे सरकार द्वारा मिलने वाले सभी लाभों और योजनाओं से भी हाथ धो बैठेंगे।


डिप्टी सीएम शिवकुमार ने जोर देकर कहा, "वोट देने का अधिकार, असल में जीने का अधिकार है। पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी SIR के आधार पर अपात्र राशन लाभार्थियों की पहचान कर उनके नाम हटाने के आदेश दिए गए हैं। अन्य राज्य भी ऐसे ही कदम उठा रहे हैं। इसलिए कर्नाटक की जनता यह सुनिश्चित करे कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो।"

29 जुलाई तक चलेगा चुनाव आयोग का महाअभियान, 5.5 करोड़ वोटर्स पर नजर
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनबुकुमार के अनुसार, इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत राज्य के 5.5 करोड़ से अधिक मतदाताओं को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग ने इस महा-अभियान के लिए पूरी ताकत झोंक दी है:
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कुल मतदाता: 5.5 करोड़ से अधिक
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बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs): 59,050 (तैनात और प्रशिक्षित)
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सुपरवाइजर: 7,556
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पार्टी एजेंट: 1.1 लाख से अधिक Booth Level Agents भी सहयोग करेंगे।
कैसे काम करेगी व्यवस्था? आपके घर पर लगेंगे रंगीन स्टिकर
16 जून 2026 तक की मतदाता सूची के आधार पर बीएलओ (BLO) हर घर का दौरा करेंगे और फॉर्म वितरित करेंगे। चुनाव आयोग ने पारदर्शिता के लिए स्टिकर कोडिंग की व्यवस्था की है:

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बैंगनी वर्गाकार (Violet Square) स्टिकर: जिन घरों में फॉर्म सफलतापूर्वक बांट दिए जाएंगे, वहां यह स्टिकर लगेगा।
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लाल गोलाकार (Red Round) स्टिकर: जो घर बंद मिलेंगे, वहां यह स्टिकर लगाया जाएगा। बीएलओ बंद घरों में कम से कम 3 बार का चक्कर लगाएंगे।
नोट: चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इस बार घर-घर जाकर फॉर्म देने और लेने के चरण (Enumeration Phase) के दौरान नागरिकों से कोई भी दस्तावेज (Documents) कलेक्ट नहीं किया जाएगा। मतदाताओं को केवल फॉर्म भरकर और साइन करके बीएलओ को सौंपना होगा।
जनता की सहूलियत के लिए 'स्थायी निवास प्रमाण पत्र' जारी करेगी सरकार
इस पूरी प्रक्रिया में आम जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए कर्नाटक सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व विभाग (Revenue Department) अब नागरिकों को 'स्थायी निवास प्रमाण पत्र' (Permanent Residential Certificate) जारी करेगा, जो पते के पुख्ता सबूत के तौर पर मान्य होगा।
कहां और कैसे करें आवेदन? नागरिक इस प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
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ऑनलाइन: 'सेवा सिंधु' (Seva Sindhu) पोर्टल के माध्यम से।
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ऑफलाइन (नागरिक सेवा केंद्र): अटल जनस्नेही केंद्र, नादकचेरी, बेंगलुरु वन, कर्नाटक वन और ग्राम वन केंद्रों पर जाकर।
