Movie prime
PMC_Hospital

'अल्लाह के अलावा किसी की इबादत नहीं कर सकता', वंदे मातरम् विवाद पर बोले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद

राष्ट्रगीत का अपमान नहीं करूंगा पर गाऊंगा नहीं; संवैधानिक अधिकार का हवाला देते हुए बीजेपी पर साधा निशाना

Ad

 
rt
WhatsApp Group Join Now

Ad

Ad

नई दिल्ली/वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर देश में जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। इमरान मसूद ने साफ कहा कि वे अल्लाह के अलावा किसी अन्य की इबादत या वंदना नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान करते हैं और इसके बजने पर सम्मान में खड़े होंगे, लेकिन इसे गाएंगे नहीं।

Ad
Ad

'संविधान देता है धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार'

सांसद इमरान मसूद ने अपने विचार रखते हुए कहा, "मेरा धर्म मुझे अपनी आस्था के अनुसार इबादत करने की अनुमति देता है। मैं एक सच्चा मुसलमान होने के नाते केवल अल्लाह की इबादत कर सकता हूं। भारतीय संविधान ने हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार दिया है और कोई भी मुझसे यह संवैधानिक अधिकार नहीं छीन सकता।"

Ad

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रगान (जन गण मन) उनके लिए सर्वोपरि है और वंदे मातरम् का भी वे दिल से सम्मान करते हैं। उन्हें किसी के सामने अपनी देशभक्ति साबित करने या इसका प्रमाण पत्र लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।

बीजेपी पर राष्ट्रगीत को 'राजनीतिक हथियार' बनाने का आरोप

Ad

Ad

इमरान मसूद ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जैसे संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी के अधिवेशनों में आजादी के समय से ही वंदे मातरम् गाया जाता रहा है, इसलिए कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है।

'दिमागी नक्सलवाद' वाले बयान पर भी घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 'दिमागी नक्सलवाद' संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि समाज में नफरत फैलाने और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने वाले लोग खुद सत्ता पक्ष में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जिस धर्म का मूल संदेश प्रेम, शांति और सहिष्णुता है, उसके नाम पर राजनीति करना और नफरत फैलाना पूरी तरह से गलत है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर जारी चर्चाओं और प्रस्तावित नियमों के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, जिस पर इमरान मसूद के इस बयान ने राजनीतिक पारे को और बढ़ा दिया है।