Gold Silver Rate Today: सोने–चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल, गोल्ड ₹1.58 लाख के पार
ग्लोबल संकेतों का असर घरेलू बाजार पर, चांदी 2.7% उछली; $5,000 प्रति औंस के ऊपर मजबूत हुआ सोना
बिज़नेस डेस्क| ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के बाद बुधवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना करीब ₹1,600 यानी 1% से ज्यादा उछलकर ₹1,58,436 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में 2.7% की बढ़त दर्ज की गई और यह ₹2,59,418 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखी।


अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो स्पॉट सिल्वर 2.2% की तेजी के साथ 82.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि पिछले सत्र में इसमें 3% से अधिक की गिरावट आई थी। इसी दौरान स्पॉट गोल्ड 0.5% बढ़कर 5,049.59 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.9% चढ़कर 5,073.40 डॉलर प्रति औंस हो गया।

$5,000 प्रति औंस के ऊपर मजबूत बना सोना
सोना फिलहाल 5,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर के ऊपर मजबूती बनाए हुए है। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका में कमजोर रिटेल सेल्स आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है, जिससे गोल्ड को सपोर्ट मिला है।

उतार-चढ़ाव के बाद फिर संभला बाजार
मंगलवार को गिरावट के बाद बुधवार को सोने की कीमतों में करीब 0.6% तक की रिकवरी देखी गई। दिसंबर में उपभोक्ता खर्च अपेक्षा से स्थिर रहा, जबकि अब निवेशकों की नजर अमेरिका की जनवरी रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
जनवरी के अंत में भू-राजनीतिक तनाव, फेड की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं और पारंपरिक एसेट्स से दूरी जैसे कारणों से सोना रिकॉर्ड हाई 5,595 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद मुनाफावसूली और अटकलों के चलते महज दो सत्रों में इसमें करीब 13% की तेज गिरावट आई।
साल के अंत तक $6,000 तक जा सकता है सोना
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक गिरावट के बाद सोने ने अपने नुकसान का लगभग आधा हिस्सा रिकवर कर लिया है और फिलहाल 5,000 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। कई बड़े बैंक मान रहे हैं कि गोल्ड की तेजी फिर से रफ्तार पकड़ सकती है।
बीएनपी पैरिबास एसए ने साल के अंत तक सोने के 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान जताया है। वहीं डॉयचे बैंक और गोल्डमैन सैक्स भी गोल्ड को लेकर सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं।
ब्याज दरें रहेंगी अहम फैक्टर
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरों में आगे और कटौती सोने के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता और कम दरों के माहौल में इसकी मांग बढ़ती है। हालांकि फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ क्लीवलैंड की चेयरमैन बेथ हैमैक ने संकेत दिए हैं कि आने वाले आर्थिक आंकड़ों का आकलन होने तक ब्याज दरें लंबे समय तक मौजूदा स्तर पर बनी रह सकती हैं।
कुल मिलाकर, बाजार में एक बार फिर सोने–चांदी की चमक लौटती नजर आ रही है और निवेशक नए रिकॉर्ड की उम्मीद में सक्रिय हो गए हैं।
