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सोने-चांदी की तेजी पर लगा ब्रेक, MCX पर चांदी 11,000 रुपये से ज्यादा टूटी, गोल्ड भी 2,500 रुपये फिसला

मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती से कीमती धातुओं पर दबाव, निवेशक अमेरिकी महंगाई और रोजगार आंकड़ों से पहले सतर्क
 

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नई दिल्ली। Gold Silver Rate 10 Feb: लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद मंगलवार को सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार में निवेशकों की मुनाफावसूली और डॉलर में मजबूती के चलते कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला।

एमसीएक्स (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 1.6 फीसदी या लगभग 2,500 रुपये टूटकर 1,55,546 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी के वायदा भाव में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 11,000 रुपये से अधिक टूटकर 2,51,544 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गई।

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विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया रिकॉर्ड स्तरों के बाद निवेशकों ने उतार-चढ़ाव भरे बाजार में मुनाफा वसूली शुरू कर दी है, जिसका असर आज की कीमतों पर साफ नजर आया।

इंटरनेशनल मार्केट का हाल

वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। शुरुआती कारोबार में सोना 1.4 फीसदी तक टूटकर कुछ समय के लिए 5,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया। बाद में थोड़ी रिकवरी जरूर दिखी।

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सिंगापुर में सुबह 8 बजे तक—

  • स्पॉट गोल्ड 0.5% गिरकर 5,032.53 डॉलर प्रति औंस
  • चांदी 1.8% फिसलकर 81.92 डॉलर
  • प्लैटिनम और पैलेडियम भी कमजोर रहे

बताया जा रहा है कि 29 जनवरी को रिकॉर्ड हाई छूने के बाद से सोना करीब 10 फीसदी गिर चुका है, हालांकि साल की शुरुआत से अब भी मजबूत बना हुआ है।


गिरावट की मुख्य वजहें

  • डॉलर इंडेक्स में मजबूती, जो 96.82 से बढ़कर 97.01 तक पहुंच गया
  • डॉलर मजबूत होने से विदेशी निवेशकों के लिए सोना महंगा होना
  • इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी रोजगार और महंगाई आंकड़ों से पहले निवेशकों का सतर्क रुख
  • हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली

इन फैक्टर्स ने मिलकर गोल्ड और सिल्वर दोनों पर दबाव बना दिया।

आगे की राह क्या?

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जनवरी के अंत में सट्टा कारोबार से प्रेरित रिकॉर्ड तेजी के बाद कीमती धातुओं में तेज करेक्शन देखा गया था। हालांकि जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने को सपोर्ट देने वाले कारक अब भी बने हुए हैं।

इनमें—

  • बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव
  • केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी
  • सरकारी बॉन्ड और मुद्राओं से निवेशकों का झुकाव हटना

जैसे कारण शामिल हैं।

बड़े वित्तीय संस्थानों का भरोसा कायम

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक डॉयचे बैंक और गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े वित्तीय संस्थान बुलियन में लंबी अवधि की मजबूती को लेकर आशावादी बने हुए हैं। वहीं, चीनी केंद्रीय बैंक ने जनवरी में लगातार 15वें महीने सोने की खरीद जारी रखी, जिससे आधिकारिक मांग की ताकत का संकेत मिलता है।