Gold Silver Rate Today: MCX पर सोना ₹3,000 उछला, चांदी ₹11,000 महंगी
जापान चुनाव, कमजोर डॉलर और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग से कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी, निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर मुड़े
नई दिल्ली । सोमवार, 9 फरवरी को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कमजोर डॉलर, मजबूत स्पॉट डिमांड और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर कीमती धातुओं की ओर रुख किया।


MCX पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स ₹3,000 से ज्यादा यानी करीब 2 फीसदी बढ़कर ₹1,58,500 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं मार्च सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स में करीब ₹11,000 यानी 4.79 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई और यह ₹2,61,870 प्रति किलो पर कारोबार करता दिखा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी बरकरार रही। सिंगापुर में सुबह 8:28 बजे तक सोना 1.3 प्रतिशत बढ़कर 5,028.77 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 1.7 प्रतिशत उछलकर 79.18 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी मजबूती देखी गई।

जापान चुनाव से मिला समर्थन
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, शुरुआती कारोबार में स्पॉट गोल्ड में 1.7 प्रतिशत की तेजी आई। इसे जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाईची की चुनाव में भारी जीत से भी समर्थन मिला है। उनकी जीत के बाद ढीली राजकोषीय नीति और जापानी येन पर दबाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर यह हुआ कि निवेशक मूल्य संरक्षण के लिए सोने की ओर और अधिक आकर्षित हुए।

निवेशक ठोस संपत्तियों की ओर
बाजार जानकारों के अनुसार, निवेशक अब सॉवरेन बॉन्ड और कमजोर मुद्राओं से निकलकर सोने जैसी ठोस संपत्तियों में पैसा लगा रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने हालिया उतार-चढ़ाव के पीछे चीनी व्यापारियों की सक्रियता को भी एक कारण बताया है।
गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी
पिछले महीने रिकॉर्ड हाई छूने के बाद सोने-चांदी में तेज गिरावट आई थी, लेकिन अब इनमें रिकवरी दिखाई दे रही है। शुक्रवार तक सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 11 फीसदी नीचे था, हालांकि हालिया तेजी से नुकसान का लगभग आधा हिस्सा वापस हासिल कर लिया गया है।
ड्यूश बैंक और गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े वैश्विक बैंकों ने दीर्घकालिक मांग के मजबूत संकेतों के चलते सोने को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। आंकड़ों के मुताबिक, चीनी केंद्रीय बैंक लगातार 15वें महीने सोने की खरीद कर चुका है, जिससे आधिकारिक मांग की मजबूती साफ झलकती है।
आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर
अब निवेशकों की निगाह अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है। बुधवार को रोजगार रिपोर्ट और शुक्रवार को महंगाई के आंकड़े जारी होने हैं, जिनसे फेडरल रिजर्व की अगली नीति दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
इसके अलावा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेड चेयर पद के लिए नामित केविन वार्श के बयानों से केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं भी बाजार की चाल तय कर सकती हैं।
